Advertisement

Human Trafficking: ऑनलाइन मार्केटिंग ट्रेनिंग के नाम पर बिहार ले जाई जा रहीं थीं 16 नाबालिग लड़कियां, RPF ने ऐसे किया रेस्क्यू

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के उप निरीक्षक और मानव तस्करी निरोधक इकाई (AHTU) के प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे स्टेशन पर गश्त के दौरान एक पुरुष और एक महिला को 14 से 17 साल की उम्र की 16 लड़कियों के साथ देखा गया था.

RPF ने लड़कियों को रेस्क्यू किया है (File Photo) RPF ने लड़कियों को रेस्क्यू किया है (File Photo)
aajtak.in
  • गोंडा,
  • 29 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 8:52 PM IST

उत्तर प्रदेश के गोंडा में सोमवार को रेलवे स्टेशन से रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की मानव तस्करी निरोधक इकाई (AHTU) ने सोलह नाबालिग लड़कियों को बचा लिया. उन सभी को एक ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनी में प्रशिक्षण देने के बहाने बिहार ले जाया जा रहा था. हालांकि उन सभी को ले जाने वाले दो आरोपी मौके से फरार हो गए. पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है.

Advertisement

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के उप निरीक्षक और मानव तस्करी निरोधक इकाई (AHTU) के प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे स्टेशन पर गश्त के दौरान एक पुरुष और एक महिला को 14 से 17 साल की उम्र की 16 लड़कियों के साथ देखा गया.

उप निरीक्षक सुरेंद्र कुमार के मुताबिक, इसके बाद टीम ने उन्हें रोक लिया और उनसे पूछताछ की गई. पूछताछ करने पर वो महिला और पुरुष दोनों ही कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए और बाद में मौके से अचानक भाग निकले. उन्होंने बताया कि इसके बाद आरपीएफ ने बच्चों को चाइल्डलाइन को सौंप दिया है.

चाइल्डलाइन के समन्वयक आशीष मिश्रा ने इस मामले में आगे बताया कि देवरिया की एक महिला उन्हें एक ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनी में प्रशिक्षण देने के बहाने बिहार ले जा रही थी. उन्होंने बताया कि सभी लड़कियां जिले के ग्रामीण इलाकों से थीं और उनके माता-पिता ने अपने बच्चों को प्रशिक्षण के लिए ले जाने की सहमति दी थी, जिसके बाद उन्हें लगा कि उन्हें नौकरी मिल सकती है.

Advertisement

आशीष मिश्रा ने आगे बताया कि प्रशिक्षण के लिए उन बच्चों के माता-पिता को 1300-1300 रुपये भी दिए गए थे. उन्होंने बताया कि माता-पिता द्वारा दिया गया सहमति पत्र वैध नहीं है, क्योंकि वे नाबालिग हैं और उनसे काम करवाना गैरकानूनी है.

आशीष मिश्रा के मुताबिक, उन सभी लड़कियों को किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया जाएगा और उसके बाद उनको उनके माता-पिता को सौंप दिया जाएगा. हालांकि पुलिस इस मामले में आगे की जांच पड़ताल कर रही है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement