Advertisement

नर्स के साथ दरिंदगी से उत्तराखंड में उबाल, SSP ऑफिस पर महिलाओं का हंगामा, कांग्रेस नेत्री बेहोश

उत्तराखंड के रुद्रपुर में 30 साल की नर्स के साथ ऐसी दरिंदगी को अंजाम दिया गया कि उसकी लाश को देखकर पुलिसवालों की रुह भी कांप गई थी. महज 9 दिनों में नर्स के चेहरे की खाल गायब हो चुकी थी. उसकी पहचान कर पाना मुश्किल था.

SSP ऑफिस के बाहर महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया SSP ऑफिस के बाहर महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया
रमेश चन्द्रा
  • ऊधम सिंह नगर,
  • 28 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 7:56 PM IST

Uttarakhand Rudrapur Nurse Rape Murder: कोलकाता में जूनियर डॉक्टर के रेप और मर्डर की वारदात को लेकर देशभर में धरना प्रदर्शन हो रहे हैं. इसी बीच उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में एक नर्स के साथ दरिंदगी किए जाने का मामला भी तूल पकड़ता जा रहा है. इस हत्याकांड के बाद इंसाफ की मांग को लेकर पूरे राज्य में सड़क से लेकर सदन तक जोरदार प्रदर्शन हो रहे हैं.

Advertisement

इसी के चलते महिला कांग्रेस की दर्जनों कार्यकर्ताओं ने जिले के एसएसपी ऑफिस में जाकर हंगामा किया और जमकर नारेबाजी की. आपको बता दें कि इस मामले में उत्तराखंड पुलिस ने कोलकाता पुलिस की तरह शुरू में लापरवाही की थी.

उत्तराखंड के रुद्रपुर में 30 साल की नर्स के साथ ऐसी दरिंदगी को अंजाम दिया गया कि उसकी लाश को देखकर पुलिसवालों की रुह भी कांप गई थी. महज 9 दिनों में नर्स के चेहरे की खाल गायब हो चुकी थी. उसकी पहचान कर पाना मुश्किल था. लेकिन नर्स का आईडी कार्ड मौके पर मिल जाने की वजह से उसकी शिनाख्त हो पाई. इस मामले में पुलिस की कार्यशैली को लेकर पहले दिन से ही सवाल उठ रहे हैं. परिजन और जनता इस केस में सीबीआई जांच की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आई है. राज्य के कई जिलों में प्रदर्शन हो रहे हैं.

Advertisement

इस दौरान ऊधम सिंह नगर के एसएसपी ने एक विवादित बयान दे दिया था. जिसे लेकर पूरे राज्य के प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और भड़क गया था. इसी मामले को लेकर महिला कांग्रेस की दर्जनों महिलाओं ने मंगलवार को एसएसपी ऑफिस में जाकर हंगामा किया. इसी दौरान पुलिस और महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की हो गई.

एसएसपी ऑफिस के बाहर लगाई गई बैरिकेडिंग भी प्रदर्शनकारियों को नहीं रोक सकी. कड़ी मशक्कत के बाद महिलाएं एसएसपी ऑफिस में जा पहुंची. लेकिन इसी दौरान महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रोतेला बेहोश हो गईं. उन्हें चोटें भी आई हैं. भारी हंगामें के बाद प्रदर्शनकारी किसी तरह शांत हुए और पुलिस ने राहत की सांस ली.

दरअसल, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रोतेला को महिला पुलिस कर्मियों ने अपने हाथों पर उठा लिया और उन्हें फेंकने की कोशिश की. इसी दौरान ज्योति रोतेला बेहोश हो गईं. कई कार्यकर्ता चोटिल भी हो गए.

होश में आने के बाद महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रोतेला का कहना था कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए. जो एसआईटी का गठन हुआ है, उसकी जांच का अभी तक कोई रिजल्ट सामने नहीं आया है. जिस हॉस्पिटल पर आरोप लगे हैं, उसका प्रबंधक एसआईटी के सामने हंसते हुए जाता है. एसआईटी की जांच पर भरोसा नहीं है. उन्होंने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है.

Advertisement

उधर, इस मामले में SIT जांच का नेतृत्व करने वाले पुलिस अधीक्षक (नगर) मनोज कत्याल ने बताया कि इस मामले में एसआईटी (SIT) स्पष्ट जांच कर रही है और रही बात प्रदर्शन कि तो पीड़ित प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं. बल्कि कुछ लोग उनके साथ मिलकर प्रदर्शन कर रहे हैं. सभी को प्रदर्शन करने की आजादी है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement