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बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला: प्राइमरी एजुकेशन बोर्ड के पूर्व चेयरमैन के खिलाफ लुकआउट नोटिस, CBI ने लिया एक्शन

शिक्षक भर्ती घोटाला 2014 का है. तब पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमिशन (SSC) ने पश्चिम बंगाल में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती निकाली थी. यह भर्ती प्रक्रिया 2016 में शुरू हुई थी. उस वक्त पार्थ चटर्जी शिक्षा मंत्री थे. इस मामले में गड़बड़ी की कई शिकायतें कोलकाता हाईकोर्ट में दाखिल हुई थीं. इस मामले में अब तक पार्थ चटर्जी, अर्पिता मुखर्जी, टीएमसी विधायक मणिक भट्टाचार्य, शिक्षा सचिव मनीष जैन, मंत्री परेश अधिकारी उनकी बेटी अंकिता अधिकारी से भी पूछताछ हो चुकी है.

सीबीआई ने जारी किया लुकआउट नोटिस (सांकेतिक फोटो) सीबीआई ने जारी किया लुकआउट नोटिस (सांकेतिक फोटो)
मुनीष पांडे
  • नई दिल्ली,
  • 25 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 8:00 PM IST

सीबीआई ने शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ प्राइमरी एजुकेशन के पूर्व चेयरमैन माणिक भट्टाचार्य के खिलाफ गुरुवार को लुकआउट जारी कर दिया. भट्टाचार्य नदिया के पलाशीपारा निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के विधायक हैं. राज्य के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति में कथित अनियमिताओं के आधार पर कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने 21 जून को माणिक भट्टाचार्य को बोर्ड के अध्यक्ष के पद से हटाने का आदेश दिया था. 23 अगस्त को प्रोफेसर गौतम पॉल को पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड (डब्ल्यूबीपीईबी) का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया है. वह कल्याणी विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति भी हैं.

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न्यायिक हिरासत में भेजे गए पार्थ और अर्पिता

शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में कोलकाता की एक सत्र अदालत ने 18 अगस्त को पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. अब दोनों को 31 अगस्त को अदालत में पेश किया जाएगा.

22 जुलाई को पार्थ चर्टजी के ठिकाने पर पड़ा था छापा

ईडी ने भर्ती घोटाला मामले में इस साल मई में जांच शुरू की थी. ईडी ने 22 जुलाई को पार्थ चटर्जी के ठिकानों समेत 14 जगहों पर छापेमारी की थी. पार्थ चटर्जी के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान ईडी को अर्पिता मुखर्जी की प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले थे. जब पार्थ चटर्जी से अर्पिता की पहचान पूछी गई, तो उन्होंने इस बारे में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया.

इसके बाद ईडी के रडार पर अर्पिता मुखर्जी आ गईं. जब ईडी ने अर्पिता के फ्लैट पर छापा मारा तो करीब 21 करोड़ रुपए कैश, 60 लाख की विदेशी करेंसी, 20 फोन और अन्य दस्तावेज मिले. अर्पिता एक मॉडल हैं. वे बंगला और ओडिशा फिल्मों में छोटे मोटे रोल करती रही हैं.

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इसके बाद ईडी ने अर्पिता के दूसरे ठिकानों पर छापा मारा. ईडी को अर्पिता के घर से 27.9 करोड़ रुपए कैश मिला है. इसमें 2000 रुपए और 5000 रुपए के नोटों के बंडल थे. इसके अलावा ईडी को  4.31 करोड़ रुपए का गोल्ड मिला है. इसमें 1-1 किलो की 3 सोने की ईंटें, आधा आधा किलो के 6 सोने के कंगन और अन्य ज्वेलरी शामिल है. इतना ही नहीं इस ठिकाने से एक सोने का पैन भी मिला है. 

SC की रोक बरकरार, रिलीज होगी नई मेरिट लिस्‍ट

2 अगस्त को हुई सुनवाई में झारखंड के नियोजन नीति और 13 अनुसूचित जिलों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि फिर से मेरिट लिस्ट जारी की जाए. अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि जो मेरिट लिस्ट डिस्ट्रिक्ट लेवल पर है वह राज्य स्तर पर बननी चाहिए. हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ झारखंड सरकार और अनुसूचित जिलों के सफल अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी.

इस मामले में जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की कोर्ट ने फैसला सुनाया. झारखंड सरकार ने वर्ष 2016 में तृतीय और चतुर्थ वर्गीय पदों पर नियुक्ति के लिए नियोजन नीति बनाई थी. इसमें अनुसूचित जिलों की नौकरी में सिर्फ उसी जिले के निवासियों को ही नियुक्त करने का प्रावधान किया गया था. गैर-अनुसूचित जिले के लोग इसमें आवेदन भी नहीं कर सकते थे, जबकि गैर अनुसूचित जिले में सभी जिलों के लोग आवेदन कर सकते थे. 

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