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सपने में आकर डराता था वो दोस्त, जिसकी 18 साल पहले कर दी थी हत्या, जानिए क्या है पूरा मामला

साल 2003 में युवक ने दोस्त की हत्या कर दी थी. सालों बाद उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने पुलिस को सब कुछ बता दिया. उसके बताए स्थान पर खुदाई के बाद पुलिस ने कुछ हड्डियां और अन्य चीजें बरामद की हैं. बरामद चीजोंं की फोरेंसिक जांच हो रही है.

लाल घेरे में हत्या करने वाला युवक. लाल घेरे में हत्या करने वाला युवक.
सुमी राजाप्पन
  • बालोद,
  • 20 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 4:05 PM IST

छत्तीसगढ़ के बालोद से 20 साल पहले एक लड़का अचानक से अपने घर से गायब हो गया. उस दौरान उसे बहुत ढूंढा गया, लेकिन उसके बारे में परिवार को कुछ भी जानकारी नहीं मिली थी. बेटे के इंतजार में परिजनों की भी आंखें पथरा गईं थीं. उन लोगों ने भी बेटे के वापस घर लौट आने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन सालों बाद उस गायब हुए लड़के के बारे में परिवार को जानकारी मिली. उसकी हत्या की बात सामने आई थी. जिस जगह उसे दफनाया वहां से कुछ हड्डियां और कपड़े मिले हैं. जिनकी जांच कराई जा रही है.

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दरअसल, हैरान करने वाला यह मामला छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के करकाभाट का है. साल 2003 में जगदीश गोयल का 17 साल का बेटा छबेश्वर गोयल अचानक से गायब हो गया था. कुछ समय बाद परिवार के पास एक युवक का फोन आना शुरू हो गया. वह खुद का नाम छबेश्वर बताता था. परिवार को भी लगा कि छबेश्वर सही सलामत है और कहीं पर काम रहा है. 

एक अक्टूबर 2021 को गांव का रहने वाला युवक टिकम कोलियारा छबेश्वर के घर पहुंचा और कहा कि साल 2003 में उसने छबेश्वर की हत्या कर दी. वह ही छबेश्वर बनकर उन लोगों से बात करता था. यह बात सुनकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए. मामले की सूचना पुलिस को दी गई. पुलिस ने टिकम से पूछताछ की.

मृतक छबेश्वर ( file Photo).

सपने में आता है छबेश्वर: टिकम

टिकम ने पीड़ित परिवार और पुलिस को छबेश्वर की हत्या करने का कारण बताते हुए कहा था कि छबेश्वर मेरी प्रेमिका के साथ अश्लील हरकत किया करता था. एक दिन मैंने उसकी हत्या कर दी और शव खेत में गाड़ दिया. 

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इसके बाद मैं सभी को गुमराह करने के लिए छबेश्वर बनकर परिवार के लोगों से बात किया करता था. इससे उन्हें शक न हो सकी छबेश्वर की मौत हो गई है. मगर, हत्याकांड के बाद से मैं परेशान हूं. छबेश्वर मेरे सपने में आकर मुझे परेशान करता है, मुझे सताता है. इसलिए मुझे सजा दे दो. 

पुलिस का यह है कहना

मामले पर बालोद एडिशनल एसपी हरीश राठौर का कहना है कि साल 2021 की खुदाई के दौरान कंकाल बरामद नहीं हुआ था. 3 अप्रैल 2023 को फिर से वहीं पर खुदाई की गई. खुदाई के दौरान बालोद तहसीलदार, डॉक्टर और पुलिस टीम मौजूद रही थी. 

खुदाई में 7 हड्डी के टुकड़े, पेंट-शर्ट, शॉल, एक बोरी और पैंट की जेब मे एक रुपये का सिक्का बरामद हुआ है. इन्हें जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है. एडिशनल एसपी ने आगे कहा कि जांच के बाद तय हो सकेगा कि हड्डियां छबेश्वर की हैं या अन्य व्यक्ति की. मिलान के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा. जांच में जो भी सामने आता है उसके आधार पर आगे की जांच की जाएगी. फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है.

( इनपुट - किशोर साहू )

 

 

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