
महाराष्ट्र के ठाणे में पुलिस के हाथों अवैध क्रूड बम बनाने और उसकी बिक्री करने वाले रैकेट के खिलाफ बड़ी कामयाबी लगी है. पुलिस ने एक संदिग्ध पशु तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से 290 जिंदा क्रूड बम बरामद हुए हैं. पुलिस के मुताबिक, महाराष्ट्र में किसी भी पुलिस यूनिट द्वारा बरामद किए गया यह क्रूड बम की सबसे बड़ी खेप है.
ठाणे पुलिस क्राइम ब्रांच ने खुफिया सूचना के आधार पर शिल डाइघर इलाके से संदिग्ध को गिरफ्तार किया. पुलिस ने संदिग्ध की पहचान रायगढ़ में अलीबाग के नजदीक रेवास के रहने वाले 34 वर्षीय प्रवीण अर्जुन के रूप में की है.
पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध इन बमों का उपयोग जंगली पशुओं को मारने के लिए करते हैं. गौरतलब है कि रायगढ़ में काफी घना जंगल है, जिसमें प्रचुर संख्या में विभिन्न प्रजाति के वन्य पशु पाए जाते हैं.
पुलिस का कहना है कि इन क्रूड बमों का उपयोग जंगली सुअर और कई बार तेंदुओं को मारने के लिए होता है. ज्ञात हो कि जंगली सुअर के मांस की ब्लैक मार्केट में काफी कीमत है. क्राइम ब्रांच के एक सीनियर ऑफिसर ने बताया कि इन क्रूड बम को मांस में छिपाकर किसी जल स्रोत के पास रख दिया जाता है, जहां वन्य पशु पानी पीते आते हैं.
इसकी गंध से आकर्षित होकर वन्य पशु इसे खाते हैं, लेकिन जैसे ही वे इसे चबाने की कोशिश करते हैं, बम में विस्फोट हो जाता है. पुलिस ने बताया कि इन क्रूड बमों को स्थानीय स्तर पर ही बनाया गया है और प्रत्येक बम की कीमत 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक होती है.
क्राइम ब्रांच ने इन बमों का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में भी होने की आशंका जताई है और लोग निजी दुश्मनी निकालने के लिए भी इनकी खरीद-फरोख्त करते हैं. संदिग्ध के बयान के आधार पर ठाणे पुलिस की एक टीम बम निर्माण में संलिप्त एक अन्य आरोपी को पकड़ने में जुट गई है.
इस बीच क्राइम ब्रांच ने जब्त किए गए बम को फोरेंसिक टीम के पास भेज दिया है. पुलिस ने गिरफ्तार संदिग्ध के पास से बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली कीलें भी बरामद की हैं.