
बिहार के मुंगेर जिले में ताबड़तोड़ मिल रहीं AK-47 राइफल के मामले की जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को सौंप दी है. दरअसल बिहार के मुंगेर के मिर्जापुर बरदह गांव के नदी, नाले में भारी संख्या में AK-47 मिल रही है, जिसके बाद से यह गांव चर्चा में है.
राज्य की पुलिस AK-47 ढूंढने के लिए लगातार तलाशी अभियान चला रही है. मुंगेर में तलाशी के दौरान कभी खेत में तो कभी कुएं के पानी में तो कभी नदी में ये ख़तरनाक हथियार मिल रहे हैं. जानकारी के मुताबिक़ अब तक की तफ़्तीश में पुलिस करीब 20 AK-47 और उसके 500 पार्ट्स बरामद कर चुकी है.
इस पूरे मामले की जांच 29 अगस्त से शुरू हुई थी. शुरुआती दौर में मोहम्मद इमरान जोकि जमालपुर पुलिस की गिरफ्त में आया उसके पास से तीन AK-47 राइफल मिले थे. उसके बाद उसकी निशानदेही पर मोहम्मद शमशेर और इमरान की बहन रिजवाना को पुलिस ने 3 AK-47 राइफल के साथ वरदह गांव से गिरफ्तार किया.
तीनों से पूछताछ में पुलिस को जो जानकारी मिली उसके बाद AK-47 सर्च करने का एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया गया. बता दें कि जबलपुर ऑर्डिनेंस डिपो से तस्करी कर 50 से 60 एके 47 राइफल मुंगेर आने की बात सामने आई थी. जिसके बाद 29 अगस्त को पहली बार मुंगेर में 3 AK-47 बरामद की गई थी.
यह कामयाबी हजारीबाग से तौफीर आलम की गिरफ्तारी के बाद मिली थी. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने रातभर छापामारी की और 12 AK-47 राइफल बरामद की.
पुलिस के कई सूत्रों का यह कहना है कि इस पूरे मामले में जो 20 AK-47 बरामद हुईं हैं उनका किसी न किसी रूप में आतंकी या नक्सली कनेक्शन भी हो सकता है. पुलिस इस कनेक्शन को ढूंढने की कोशिश में जुटी हुई थी पर अब गृह मंत्रालय ने इस पूरे मामले की जांच एनआईए को सौंप दी है.