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प्रद्युम्न मर्डर केस: रेयान स्कूल मैनेजमेंट और स्टाफ से पूछताछ करेगी CBI

गुरुग्राम के रेयान स्कूल में हुए प्रद्युम्न मर्डर केस की जांच कर रही सीबीआई छात्र की गिरफ्तारी के बाद स्कूल मैनेजमेंट और स्टाफ से पूछताछ करेगी. सीबीआई को शक है कि इस वारदात के बाद स्कूल मैनेजमेंट ने पुलिस के पहुंचने से पहले सबूतों से छेड़छाड़ की थी. इतना ही नहीं बाद में कुछ पुलिस अफसरों ने इसमें उनका साथ दिया था.

प्रद्युम्न मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासा प्रद्युम्न मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासा
मुकेश कुमार/शिवेंद्र श्रीवास्तव
  • नई दिल्ली,
  • 13 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 12:36 PM IST

गुरुग्राम के रेयान स्कूल में हुए प्रद्युम्न मर्डर केस की जांच कर रही सीबीआई छात्र की गिरफ्तारी के बाद स्कूल मैनेजमेंट और स्टाफ से पूछताछ करेगी. सीबीआई को शक है कि इस वारदात के बाद स्कूल मैनेजमेंट ने पुलिस के पहुंचने से पहले सबूतों से छेड़छाड़ की थी. इतना ही नहीं बाद में कुछ पुलिस अफसरों ने इसमें उनका साथ दिया था.

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सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की नजरें स्कूल मैनेजमेंट के कुछ चाहने वालों पर भी टिकी हुई हैं. बताया जा रहा है कि इस वारदात के कुछ देर बाद स्कूल की तरफ से कुछ रसूखदार नेताओं और बड़े पुलिस अफसरों को फोन किया गया था. इस बात के सबूत भी मिले हैं. इसके बाद हत्याकांड से जुड़ी अहम सबूतों से छेड़छाड़ की गई थी.

इससे पहले यह भी खुलासा हुआ था कि गुरुग्राम पुलिस ने कई सबूतों के साथ छेड़छाड़ और मिटाने की कोशिश की थी. इसके बाद गलत तरीके से बस कंडक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार किया गया था. यह खुलासा सीबीआई सूत्रों के जरिए हुआ है. इस मामले में 11वीं के छात्र की गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

सीबीआई जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि गुरुग्राम पुलिस के कुछ अफसरों ने जानबूझकर कई सबूत मिटा दिए. इसके साथ ही सुनियोजित तरीके से बस कंडक्टर को दोषी ठहराने के लिए कहानी बनाई. सबूत तैयार किए गए. शक के घेरे में आए पुलिसकर्मियों के कॉल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. विभागीय जांच की सिफारिश की गई है.

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यहां तक की ये बात भी सामने आई थी कि पुलिस ने बस कंडक्टर अशोक कुमार को जुर्म कबूल करने के लिए मजबूर किया था. यहां तक कि अशोक कुमार से सादे कागज पर दस्तख्त भी ले लिए गए थे. उसने दबाव में आकर मीडिया में कहा था कि उसने प्रद्युम्न की हत्या की है. इस खुलासे के बाद से कई पुलिसकर्मी जांच के घेरे में आ गए हैं.

उधर, हरियाणा के डीजीपी ने कहा था कि प्रद्युम्न मर्डर केस में हुई पुलिस जांच में कोई खामी नहीं है. हमने पूरी प्रामाणिक जांच करने के बाद ही इसे सीबीआई को सौंपा है. इस मामले में किसी अधिकारी की मिलीभगत के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि ऐसी कोई बात सामने आती है या किसी ने कोताही की है, तो रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

सीबीआई ने आरोपी छात्र से हत्या करने के लिए इस्तेमाल में लाया गया एक चाकू बरामद किया है. ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिस ने बस कंडक्टर से जो चाकू बरामद किया था, वो कहां से आया था. इस सवाल पर डीजीपी बीएस संधू के पास कोई ठोस जवाब नहीं था. उन्होंने कहा उस वक्त जो जांच में मिला था, उसके आधार पर कार्रवाही की गई थी.

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बताते चलें कि सीबीआई ने हरियाणा पुलिस की थ्योरी को पलटते हुए रेयान स्कूल के ही 11वीं छात्र को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था. सीबीआई की थ्योरी पुलिस की थ्योरी से पूरी तरह अलग है. इसमें प्रद्युम्न ठाकुर के हत्या का आरोपी 11वीं के एक छात्र को बताया गया है, जिसने स्कूल बंद कराने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया है.

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