
आगरा में पांच साल के मासूम की हत्या का हैरान करने वाला वाकया सामने आया है. दरअसल मासूम की हत्या करने वाला भी 9 वर्ष का बच्चा ही है. हालांकि आरोपी के खिलाफ IPC के तहत मामला दर्ज नहीं किया जा सकता, इसलिए जुवेनाइल जस्टिस लॉ के तहत कार्रवाई की जा रही है.
मृत बच्चे का नाम आयुष है और वह सेंट फ्रांसिस कॉनवेंट स्कूल में किंडरगार्टेन का छात्र था. 10 दिन पहले घर पर उसके माता-पिता नहीं थे और जब वे लौटकर आए तो आयुष गायब था. आस-पास पूछताछ करने पर पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने उसे पड़ोस में रहने वाले आरोपी बालक के साथ खेलते देखा था.
मृत बालक के परिजनों ने जब पड़ोसी बच्चे से बात की तो उसने बताया कि वह आयुष को नजदीक ही एक दुकान के पास छोड़ आया था. लेकिन दुकान के आस-पास पूछताछ करने के बावजूद आयुष का कुछ पता नहीं चला. किसी अनहोनी की आशंका में परिजनों ने पुलिस में शिकायत की.
इसके बाद पुलिस ने भी पड़ोसी बालक से पूछताछ की, लेकिन वह कुछ भी साफ-साफ बताने में असफल रहा. तब पुलिस ने आरोपी बच्चे के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया. लापता होने के 10 दिन बाद सोमवार को एक फैक्ट्री वर्कर ने नाले में किसी बच्चे की लाश तैरती देखी. बाद में मृतक की पहचान आयुष के रूप में कर ली गई.
आगरा के एडिशनल SP श्लोक कुमार ने आजतक को बताया कि आयुष का शव मिलने के बाद आरोपी पड़ोसी बालक और उसके परिजनों को थाने बुलाया गया और फिर से पूछताछ की गई. पूछताछ के दौरान प्रथम दृष्टया जो पता चला उसके अनुसार, आयुष पड़ोसी बच्चे के साथ खेल रहा था, दोनों के बीच नाले के करीब झगड़ा हुआ और आरोपी बच्चे ने आयुष को नाले में धक्का दे दिया .
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि आरोपी बच्चे की मंशा हत्या करनी नहीं थी, इसलिए यह मामला दुर्घटनावश मौत का है. सीनियर फीजीशियन डॉक्टर एसके कालरा का कहना है कि 7 से 12 वर्ष की उम्र का बच्चा अगर कुछ कानून के खिलाफ करता है तो उस पर तब तक आपराधिक मामला दर्ज नहीं हो सकता, जब तक अपराध की मंशा साबित न हो जाए.