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दिल्लीः मामूली सी बात पर पिता के सामने बेटे को मार दी गोली

दिल्ली की सड़कों पर लोगों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है. नजफगढ़ इलाके में मामूली सी बात पर एक पिता के सामने उसके बेटे को बदमाशों ने गोली मार दी. पिता के मुताबिक बाइक पर सवार कुछ लोगों ने अचानक उनकी कार के आगे बाइक रोक दी, जब उन्होंने कार का शीशा नीचे उतारकर रास्ते में बाइक लगाने की वजह पूछी तो बाइक सवार ने उनके सामने ही उनके बेटे को एक के बाद एक तीन गोली मार दी.

पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है
परवेज़ सागर/हिमांशु मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 10 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 2:53 PM IST

दिल्ली की सड़कों पर लोगों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है. नजफगढ़ इलाके में मामूली सी बात पर एक पिता के सामने उसके बेटे को बदमाशों ने गोली मार दी. पिता के मुताबिक बाइक पर सवार कुछ लोगों ने अचानक उनकी कार के आगे बाइक रोक दी, जब उन्होंने कार का शीशा नीचे उतारकर रास्ते में बाइक लगाने की वजह पूछी तो बाइक सवार ने उनके सामने ही उनके बेटे को एक के बाद एक तीन गोली मार दी.

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घटना गुरुवार की रात की है. डॉक्टर सुकेश मजूमदार के मुताबिक घटना के दिन वे अपने कुछ दोस्तों के साथ द्वारका में खाना खाकर वापस लौट रहे थे. उन्होंने अपने बेटे को काल करके उन्हें ले जाने के लिए घर के पास ही स्थित अपने क्लीनिक पर बुलाया. बेटा कार लेकर वहां पहुंच गया.

फिर पिता और पुत्र नांगलोई नजफगढ़ स्थित अपने क्लीनिक से घर की तरफ रवाना हो गए. वे कुछ ही दूर पहुंचे थे कि कार के सामने अचानक एक बाइक आकर रुकी उस पर कुछ युवक सवार थे. जिससे कार की ड्राइवर सीट पर बैठे डॉ. मजूमदार के 19 वर्षीय बेटे ने अचानक ब्रेक लगाए.

डॉक्टर सुकेश गाड़ी का शीशा नीचे करके बाइक सवार युवकों ऐसे बाइक रोकने की वजह पूछी तभी बाइक पर बैठा एक बदमाश बाइक से उतरा और उसने ड्राइविंग सीट पर बैठे उनके बेटे पर एक बाद एक तीन गोलियां चला दी. वारदात को अंजाम देकर आरोपी वहां से फरार हो गए.

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डॉ. सुकेश ने फौरन अपने बेटे को पास के अस्पताल में भर्ती कराया और पुलिस को फोन पर घटना की जानकारी दी. डॉक्टर मजूमदार का कहना है कि उनकी किसी के साथ कोई दुश्मनी नहीं है. वो एक डॉक्टर हैं और उनका बेटा भी डॉक्टरी की तैयारी कर रहा है.

जानकारी के मुताबिक बदमाशों ने उनके बेटे को तीन गोली मारी हैं, एक गोली हाथ में एक मुंह पर और एक गले में लगी है. दो गोलियों को तो डॉक्टरों ने ऑपरेशन करके निकाल दिया लेकिन जो गोली गले में फंसी है, फिलहाल वहां का ऑपरेशन संभव नहीं है.

पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया है. अब मामले की जांच की जा रही है. रोडरेज की इस वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दिल्ली की सड़कों पर कातिल बेखौफ घूम रहे हैं, जो कभी भी किसी को भी गोली मार सकते हैं.

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