
दिल्ली पुलिस ने तीन दिन पहले घर के बाहर से किडनैप कर लिए गए ढाई साल के बच्चे को मात्र 72 घंटे के अंदर मुक्त कराकर मिसाल पेश की है. किडनैपिंग और बच्चा बेचने के आरोप में पुलिस ने दो महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक, सूनी गोद भरने की लालसा और पैसों के लालच के चलते बच्चे का अपहरण किया गया था. बच्चे का अपहरण इलाके में ही घरेलू नौकरानी की काम करने वाली शिवानी नाम की एक महिला ने किया था.
पुलिस ने शिवानी की निशानदेही पर सोमवार को ईश्वर कॉलोनी में रहने वाली रश्मि नाम की महिला के घर से अपहृत बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया. दरअसल शिवानी ने रश्मि के कहने पर ही बच्चे का अपहरण किया था.
किडनैपिंग में रश्मि के भतीजे ने शिवानी की मदद की थी. तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है. साथ ही बच्चा लाने के लिए रश्मि द्वारा शिवानी को दिए गए 45 हजार रुपयों में से पुलिस ने 42 हजार रुपये भी बरामद कर लिए.
घर के बाहर खेलते समय गायब हुआ था बच्चा
बवाना के इंद्रराज कॉलोनी के किराए के मकान में सपरिवार रहने वाले सुखराम निजी कंपनी में काम करते हैं, जबकि पत्नी घरेलू महिला हैं. 23 फरवरी को अपराह्न करीब 3.0 बजे उनका ढाई वर्षीय बेटा अभिषेक घर के बाहर गली में खेल रहा था.
लेकिन अभिषेक रहस्यमयी ढंग से उसी दिन से अचानक लापता हो गया. परिजनों ने अपने स्तर पर अभिषेक की हरसंभव तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. उसी दिन अभिषेक के पिता ने बवाना थाने में बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई.
जहां से किडनैप हुआ बच्चा, वहीं मिला किडनैपर
CCTV फुटेज से मिला किडनैपर का सुराग
पुलिस ने जब मामले की जांच करते हुए सुखराम के घर से पास लगे CCTV कैमरे के फुटेज खंगाले तो पुलिस टीम के हाथ अहम सुराग लगा. सीसीटीवी फुटेज में लाल रंग की सलवार कमीज पहने एक महिला अभिषेक को गोद में उठाकर ले जाती दिखाई दी.
पुलिस टीम ने फुटेज से महिला की फोटो निकलवाई और उसकी तलाश शुरू कर दी. हालांकि पुलिस को उस महिला की तलाश के लिए ज्यादा दूर नहीं भटकना पड़ा. इलाके के ही एक शख्स ने युवती की पहचान सय्यद कॉलोनी में रहने वाली शिवानी के रूप में कर ली.
मात्र पांच गली दूर थी किडनैपर
बता दें कि बच्चे को किडनैप करने वाली शिवानी जिस सय्यद कॉलोनी में रहती है, वह अभिषेक के घर से मात्र पांच गली छोड़कर है. लेकिन पुलिस टीम जब शिवानी के घर पहुंची, तो वहां ताला लगा मिला. पड़ोसियों से पुछताछ में पता चला कि शिवानी एक दिन पहले ही दिखी थी.
पड़ोसियों ने बताया कि शिवानी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई की रहने वाली है और यहां शिवानी किराये के मकान में रहती है. यह भी पता चला कि शिवानी कोठियों में घरेलू नौकरानी का काम करती है, जबकि उसका पति फैक्ट्री में काम करता है.
अब पुलिस टीम सरगर्मी से शिवानी की तलाश में लग गई. आखिरकार पुलिस टीम ने 25 फरवरी की शाम दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे से शिवानी की हिरासत में ले लिया. थाने में लाकर शिवानी से सख्ती से पूछताछ की गई, तो जल्द ही उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया.
45 हजार रुपये में बेचा अगवा बच्चा
शिवानी ने बताया कि उसने अभिषेक का अपहरण कर उसे 45 हजार रुपये में रश्मि को बेच दिया था. शिवानी ने बताया कि अभिषेक अब रश्मि के पास है. पुलिस टीम ने शिवानी की निशानदेही पर रश्मि के घर पर दबिश देकर वहां से अभिषेक को सकुशल बरामद कर लिया.
पुलिस ने रश्मि और किडनैपिंग में शिवानी की मदद करने वाले रश्मि के भतीजे को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला शिवानी पहले रश्मि के घर नौकरानी का काम करती थी.
सूनी गोद भरने की लालसा में करवाई थी किडनैपिंग
रश्मि ने बताया कि उसकी एक छोटी बहन बहादुरगढ़ में रहती है, जिसे कोई लड़का नहीं है. रश्मि ने अपनी छोटी बहन की खुशी की खातिर शिवानी से कोई छोटा बच्चा लाकर देने को कहा था. रश्मि ने शिवानी को लोभ दिया था कि बच्चा ला देने पर वह उसे मुहमांगी रकम देगी.