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फर्जी शिक्षक केसः एक और अनामिका शुक्ला ने दिया इस्तीफा

प्रयागराज के बीएसए को वॉट्सऐप के जरिए यह इस्तीफा भेजा गया है. यह इस्तीफा छह जून की बैकडेट पर भेजा गया है. प्रयागराज की फर्जी अनामिका शुक्ला ने इस्तीफे में मां की बीमारी का हवाला दिया है. हालांकि 30 मार्च 2020 को उनका संविदा का कार्यकाल पूरा हो चुका है.

अब तक करीब 250 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी (फाइल-पीटीआई) अब तक करीब 250 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी (फाइल-पीटीआई)
शिवेंद्र श्रीवास्तव
  • लखनऊ,
  • 11 जून 2020,
  • अपडेटेड 3:49 PM IST

  • प्रयागराज की अनामिका का 6 जून की बैकडेट में इस्तीफा
  • 5 हजार से ज्यादा हो सकती है फर्जी शिक्षकों की संख्या
  • मामले में अब तक 250 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकीं
उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में हडकंप मचाने वाले अनामिका शुक्ला मामले में अब नया मोड़ आ गया है. गोंडा जिले में असली अनामिका शुक्ला के सामने आने के बाद प्रयागराज की एक कथित अनामिका शुक्ला ने भी अपना इस्तीफा भेज दिया है.

प्रयागराज के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को वॉट्सऐप के जरिए यह इस्तीफा भेजा गया है. यह इस्तीफा छह जून की बैकडेट पर भेजा गया है. प्रयागराज की फर्जी अनामिका शुक्ला ने इस्तीफे में मां की बीमारी का हवाला दिया है.

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अपनी मर्जी से दे रही इस्तीफाः अनामिका

इस्तीफे में लिखा है कि मां को दिल का दौरा पड़ा है, जिसकी वजह से अपनी मर्जी से त्यागपत्र दे रही है. इस्तीफे को लेकर किसी का कोई दबाव नहीं है.

प्रयागराज की अनामिका का इस्तीफा

दरअसल, संविदा पर फुल टाइम साइंस टीचर के रूप में अनामिका शुक्ला की नियुक्ति हुई थी. 30 मार्च 2020 को संविदा का कार्यकाल पूरा हो चुका है.

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16 मार्च 2020 से गायब चल रही अनामिका का शिक्षा विभाग ने अगले सत्र के लिए रिन्यूवल नहीं किया है. मामला सामने आने के बाद फर्जी शिक्षक ने अब इस्तीफा भेज दिया है.

अब तक करीब 250 लोगों की गिरफ्तारी

दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षकों के मामले में जांच का दायरा बढ़ता जा है. रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. फर्जी शिक्षकों के मामले की जांच कर रही एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक पिछले 2 साल में करीब ढाई सौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

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फर्जी शिक्षकों की भर्ती के मामले सबसे पहले जून 2018 में एसटीएफ ने मथुरा जिले में फर्जी शिक्षकों का मामला पकड़ा था. जिसमें कड़ियां मिलाने पर जांच प्रदेश के अन्य जिलों में फर्जी शिक्षकों तक पहुंची थी.

सबसे पहले पकड़े गए लोगों में फर्जी दस्तावेजों के जरिए मथुरा जिले में लिपिक महेश शर्मा, 13 शिक्षक और दो कंप्यूटर ऑपरेटर पकड़े गए थे. इनसे पूछताछ में पता चला कि पूरे प्रदेश भर में सैकड़ों लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे हैं.

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यूपी पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक इन फर्जी शिक्षकों की संख्या 5000 से भी ऊपर हो सकती है. जिनकी जांच अभी चल रही है.

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