
दिल्ली से सटे गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में चार साल के एक मासूम बच्चे की लाश उसके पड़ोसी की छत पर मिलने से सनसनी फैल गई. चार साल के मो. जैद का शव एक लकड़ी के बॉक्स में बंद था, जो डेढ़ साल पहले अचानक लापता हो गया था. पुलिस ने बच्चे का शव कब्जे में लेकर इस मामले की जांच शुरू कर दी है.
जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में रहने वाला एक मासूम बच्चा 1 दिसंबर 2016 को अपने घर से अचानक गायब हो गया. काफी खोजबीन के बाद घरवालों ने पुलिस को इसकी सूचना दी. परिवार की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. एक दिन अचानक घर पर कॉल आई.
फोन करने वाले ने बताया कि उसने जैद का अपहरण कर लिया है. परिवार से दस लाख की फिरौती मांगी गई. गरीब परिवार के लिए 10 लाख बड़ी रकम थी, लेकिन पुलिस के कहने पर रिहाई की कीमत 8 लाख में तय हो गई. योजना के मुताबिक अपहरणकर्ता जैसे ही 8 लाख की फिरौती लेने आए पुलिस ने एक अपहरणकर्ता को गिराफ्तार कर लिया.
इसके बाद उसकी शिनाख्त पर उसके दूसरे साथी को भी गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने दोनों से जैद के बारे में पूछताछ की, लेकिन तब भी कोई सुराग नहीं मिला. पुलिस ने बच्चे को बरामद किए बिना दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करके जेल भेज दिया. कुछ दिनों बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट से जमानत भी मिल गई.
इसी बीच अचानक डेढ़ साल बाद पड़ोसी के घर की छत पर जैद की लाश मिलने से सनसनी फैल गई. जिस घर की छत से लाश मिली है, उसके मालिक को भी नहीं पता कि ये सब कैसे हुआ है. उनके घर से छत पर जाने के लिए सीढ़ियां तक नहीं हैं. इस केस ने पुलिस की जांच पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
- पुलिस ने दो अपहरणकर्ताओं को गिराफ्तार किया, लेकिन बिना बच्चा बरामद किए चार्जशीट कैसे फाइल कर दी?
- यदि पुलिस की थ्योरी सही थी, तो जैद की लाश उसके घर के पड़ोस की छत पर कैसे आ गई?
- यदि लाश पड़ोसी की छत पर पड़ी थी, तो किसी को सड़ने की बदबू क्यों नहीं आई?
- जिस घर में छत के लिए सीढ़ी न हो, जो डेढ़ साल तक उपर न गया, हो वो इस दिन क्या करने गया था?