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UP: काला धन रखने वालों के खिलाफ आयकर विभाग की कई शहरों में छापेमारी

आयकर विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई शहरों में पिछले 1 महीने के अंदर आयकर विभाग द्वारा की गई ताबड़तोड़ छापेमारी इसी कवायद का नतीजा है.

आयकर विभाग आयकर विभाग
शिवेंद्र श्रीवास्तव
  • लखनऊ,
  • 20 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 1:00 PM IST

उत्तर प्रदेश में नोटबंदी के दौरान गैरकानूनी तरह से काला धन जमा करने वाले लोगों और फिर उस पैसे को सफेद करने के लिए बैंकों का सहारा लेने वाले तमाम लोगों पर आयकर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. प्रदेश के कई शहरों में पिछले एक महीने के अंदर आयकर विभाग द्वारा की गई ताबड़तोड़ छापेमारी इसी कवायद का नतीजा है.

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जानकारी से मुताबिक उत्तर प्रदेश में जिन-जिन लोगों ने भारी मात्रा में काला धन जमा कराया था उन लोगों की एक फेहरिस्त तैयार की गई है. साथ ही एक-एक कर अब फेहरिस्त के आधार पर इन लोगों पर छापेमारी की जा रही है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इन लोगों ने बैंकों में जमा की हुई रकम को अपने रिटर्न में 2017 तक दिखाया था. जिसके आधार पर आयकर विभाग ने इनका आयकर इतिहास खंगाला और जांच में पता चला कि नोटबंदी के साल के दौरान बड़ा अमाउंट इन सभी लोगों के खातों में जमा हुआ है.

इसी लिहाज से बड़े व्यवसायियों, डॉक्टर, इंजीनियर और पहले छोटे करदाता रहे लोगों की लिस्ट बनाई गई है. आयकर विभाग की तरफ से पहले उन्हें नोटिस दिया गया और उसके बाद छापेमारी की कार्रवाई की गई. 2 दिन पहले उत्तर प्रदेश के कई डॉक्टर और अस्पतालों में छापा मारा गया. इसमें 40 करोड़ से ज्यादा की काली कमाई का पता चला.

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उससे पहले उत्तर प्रदेश के कई मिष्ठान भंडारों पर छापेमारी की गई उसमें भी बड़ी मात्रा में काली कमाई और नगदी का पता चला था. आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग व्यापारियों और उनके प्रतिष्ठानों पर की जाएगी. चूंकि आयकर विभाग के पास इन सभी लोगों की जानकारी पहले से ही है इसीलिए इनमें से ज्यादातर लोगों का शिकंजे में फसना तय है.

बीते गुरुवार को आयकर विभाग ने टैक्स चोरी मामले में उत्तर प्रदेश के कई शहरों में जाने-माने डाक्टरों के आवासों, अस्पतालों तथा पैथोलॉजी लैब पर छापेमारी की थी. इनमें डॉक्टरों और अस्पतालों के 8 ठिकानों पर छापे मारे. जानकारी के मुताबिक आयकर अधिकारी सभी डॉक्टरों के बारे में काफी दिनों से जानकारी जुटा रहे थे. जिसके बाद उन्होंने संचालकों के आवासों पर छापेमारी की. छापेमारी के दौरा दौरान आयकर अधिकारियों ने कई अहम दस्तावेज भी अपने कब्जे में  लिए थे.

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