
झारखंड पुलिस को उस वक्त बड़ी कामयाबी मिली, जब दस लाख रुपये के इनामी कुख्यात नक्सली प्रकाश उरांव ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. प्रकाश के हथियार डाल देने से नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है.
नक्सली प्रकाश उरांव झारखंड पुलिस के ऑपरेशन नई दिशा के तहत रांची के डीआईजी के सामने सरेंडर किया. दीपक उर्फ प्रकाश भाकपा माओवादी संगठन से जुड़ा था. रांची रेंज के डीआइजी अमोल वेणुकांत होमकार के कार्यालय में आकर उसने विधिवत सरेंडर किया.
पुलिस के मुताबिक दीपक उर्फ प्रकाश उरांव भाकपा माओवादी संगठन में जोनल कमांडर रैंक पर था. उस पर सरकार ने 10 लाख रुपये के इनाम की घोषणा कर रखी थी. वह भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य सुधाकरण के साथ रहा करता था.
प्रकाश उरांव लोहरदगा जिला के भंडरा थाना क्षेत्र के टोटो गांव का रहने वाला है. पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी. लोहरदगा, लातेहार और गुमला में कई बड़ी नक्सली घटनाओं के सिलसिले में प्रकाश वॉन्टेड था. उसके सरेंडर करने से पुलिस ने राहत की सांस ली है.