
केरल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने रेप पीड़िता को गर्भपात कराने की अनुमति दे दी. पीड़िता की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एके जयशंकरन नांबियार और शाजी पी चेली की पीठ ने यह पाया कि प्रजनन के लिए विकल्प चुनने का अधिकार, अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का ही एक पहलू है.
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दो न्यायाधीशों की खंडपीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के बाद आदेश पारित कर दिया. बताया जाता है कि 14 साल की पीड़िता के साथ दरिंदगी की घटना हुई थी. लापता पीड़िता पांच महीने बाद मिली थी. वह 24 सप्ताह के गर्भ से है. पीड़िता के पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गर्भपात की अनुमति मांगी थी. जब याचिका दायर की गई थी, तब पीड़िता 20 सप्ताह के गर्भ से थी.
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नाबालिग से रेप के मामले में पुलिस ने 28 साल के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था. आरोपी के खिलाफ पॉक्सो और आईपीसी की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था. बता दें कि यह कोई पहला अवसर नहीं है, जब कोर्ट ने रेप पीड़िता को गर्भपात कराने की अनुमति दी हो.
इससे पहले पिछले साल जुलाई महीने में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी 13 साल की नाबालिग रेप पीड़िता को 26 साल का गर्भ गिराने की अनुमति दी थी. बॉम्बे हाईकोर्ट भी 2018 में एक रेप पीड़िता को गर्भपात कराने की अनुमति दी थी.