
केरल पुलिस की एक विशेष इन्वेस्टिगेशन टीम ने रेप के मामले में बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ मंगलवार को स्थानीय मजिस्ट्रेट के कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है. फ्रैंको मुलक्कल पर एक नन से रेप और यौन उत्पीड़न का आरोप है. बिशप को 7 महीने पहले इन्हीं आरोपों के चलते गिरफ्तार किया गया था.
नन ने जालंधर डायोसिस के पूर्व बिशप मुलक्कल पर 2014 और 2016 के बीच बार-बार रेप करने के आरोप लगाए थे. पादरी ने कथित तौर पर नन से रेप उस वक्त तक किया जब वह डायोसिस का बिशप था.
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि बिशप के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं. पुलिस रिपोर्ट में नन ने जून में शिकायत की थी कि मुलक्कल ने मई 2014 में कुराविलांगड में एक गेस्ट हाउस में उसके साथ रेप किया था. इस घटना के बाद भी कई बार उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया.
नन का आरोप है कि उसे पुलिस के पास इसलिए जाना पड़ा क्योंकि चर्च अधिकारियों ने उसकी शिकायतों पर पादरी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी. पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध प्रदर्शन करने वाली 5 ननों ने स्वागत किया है.
ननों ने कहा है कि वे जांच से संतुष्ट हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि आरोपी बिशप को मामले में अधिकतम सजा मिलेगी.
सूत्रों के मुताबिक चार्जशीट में कैथोलिक चर्च के शीर्ष पादरियों समेत 83 गवाहों के बयान शामिल हैं. मुलक्कल को सितम्बर में गिरफ्तार किया गया था. केरल हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद 16 अक्टूबर को उसे रिहा कर दिया गया था.
(पीटीआई इनपुट के साथ)