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गुड़िया रेप मर्डर केस: CBI के हत्थे चढ़े आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

पिछले साल चर्चा में आए शिमला के बहुचर्चित गुड़िया हत्याकांड और गैंगरेप केस में गिरफ्तार किए गए एक आरोपी को 7 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है

बहुचर्चित गुड़िया हत्याकांड और गैंगरेप केस बहुचर्चित गुड़िया हत्याकांड और गैंगरेप केस
मुकेश कुमार
  • शिमला,
  • 25 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 12:38 PM IST

पिछले साल चर्चा में आए शिमला के बहुचर्चित गुड़िया हत्याकांड और गैंगरेप केस में गिरफ्तार किए गए एक आरोपी को 7 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पिछले दिनों सीबीआई ने 25 साल के इस आरोपी को गिरफ्तार किया था, जो जंगलों में पेड़ काटने का काम करता है. आरोपी की पहचान अनिल उर्फ नीलू के रूप में की गई है.

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अनिल उर्फ नीलू मूलतः मंडी जिला के बरोट का रहने वाला है. शिमला में पेड़ काटने का काम करता था. सीबीआई उसको लेकर शिमला के कोटखाई जंगल में लेकर गई थी, जहां पर 7 जुलाई 2017 को 16 साल की स्कूली छात्रा गुड़िया का शव बरामद हुआ था. सीबीआई ने कुछ ऐसे भी लोगों से पूछताछ की थी जिनको शिमला पुलिस ने नजरअंदाज किया था.

सीबीआई ने जब एक पेड़ काटने वाले मजदूर से पूछताछ की, तो उसने अनिल का नाम उगल दिया. इसके बाद सीबीआई ने समय रहते आरोपी अनिल को अपने हिरासत में ले लिया. जांच को भटकाने और सबूत मिटाने के आरोप में सीबीआई ने 8 अगस्त 2017 को हिमाचल पुलिस के आईजी समेत आठ पुलिस वालों को गिरफ्तार कर लिया गया था.

बताते चलें कि सीबीआई ने शिमला पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों को मुजरिम नहीं माना था और अपनी जांच नए सिरे से शुरू की थी. इसके बाद ही पुलिसवाले गिरफ्तार किए गए थे. पुलिस पर 18 अगस्त की रात एक आरोपी सूरज को हिरासत में ले कर पीट-पीटकर मारने का आरोप है. सीबीआई इस केस में आठ बार स्टेटस रिपोर्ट पेश कर चुकी है.

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असली चेहरे होंगे बेनकाब

शिमला पुलिस ने 12 जुलाई 2017 को आशीष चौहान, राजेंद्र सिंह उर्फ राजू, सुभाष सिंह बिष्ट, लोकजन, सूरज सिंह और दीपक नामक आरोपियों को पकड़ा था. इनको कोर्ट ने सबूतों के अभाव के कारण जमानत दे दी थी. फिलहाल इस केस में नई कड़ियां जोड़ने से उम्मीद बंधी है कि जल्द ही गुड़िया के हत्यारों और गैंगरेप में शामिल लोगों के असली चेहरे बेनकाब होंगे.

जानिए क्या है पूरा मामला

पिछले साल 4 जुलाई को आरोपी राजेंद्र उर्फ राजू अपने दोस्त आशीष और सुभाष के साथ कहीं जा रहा था. उसने 10वीं में पढ़ने वाली गुड़िया को देखा और गाड़ी रोककर उसे घर तक लिफ्ट देने की बात कही. गुड़िया इलाके में नई आई थी. राजू को जानती थी. वह अक्सर स्कूली बच्चों को ले जाता था, जिससे शक नहीं हुआ.

नशे में की थी हैवानियत

पुलिस के मुताबिक, पीड़िता उनकी गाड़ी में बैठ गई. राजू और उसके दोस्त शराब के नशे में धुत थे. उन्होंने बीच जंगल में सामान उतारने का बहाना बनाते हुए गाड़ी रोक दी. मासूम के साथ गैंगरेप किया. अपने तीन साथियों को भी वहां बुला लिया. गुड़िया की बेरहमी से हत्या कर उसकी लाश को जंगल में फेंक दिया. गैंगरेप के दौरान हैवानियत की इंतेहा कर दी.

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