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दिल्ली में हर दिन 2 नाबालिगों से रेप, साइबर क्राइम 111% बढ़ गया, NCRB रिपोर्ट ने चौंकाया

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने  2021 के आंकड़े जारी कर दिए हैं, जो बेहद चौंकाने वाले हैं. देश की राजधानी महिलाओं के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है. 2020 की तुलना में यहां 2021 में महिला अपराध काफी तेजी से बढ़ गया है. ऐसे मामलों में 40 फीसदी की बढ़त आई है. वहीं देश की आर्थिक राजधानी महाराष्ट्र सबसे ज्यादा लोगों ने आत्महत्या कर ली.

एनसीआरबी की 2021 की रिपोर्ट जारी की गई (सांकेतिक तस्वीर) एनसीआरबी की 2021 की रिपोर्ट जारी की गई (सांकेतिक तस्वीर)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 30 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 6:49 AM IST

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 2020 की तुलना में 2021 में साइबर क्राइम 111 फीसदी बढ़ गया. 2021 के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, इन अपराधों में यौन शोषण, ऑनलाइन धोखाधड़ी के ज्यादा मामले सामने आए हैं. वहीं देश भर में महिलाओं के लिए दिल्ली सबसे ज्यादा असुरक्षित है. यहां पिछले साल हर दिन दो नाबालिग लड़कियों से रेप हुआ. 

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NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल साइबर अपराध के 356 से अधिक मामले दर्ज किए गए. इनमें अधिकांश अपराधियों के खिलाफ अश्लील कंटेट भेजने के लिए केस दर्ज किया गया था. डेटा के विश्लेषण से पता चला कि शिकायत करने वालों में ज्यादातर की उम्र 12-17 साल के बीच थी.

हैरानी की बात यहै कि दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराधों पर कंट्रोल करने के लिए एक अलग विंग के साथ-साथ एक सोशल मीडिया केंद्र भी बनाया है, इसके बावजूद इन अपराधों में इतनी तेजी देखने को मिल रही है. 

40 फीसदी बढ़ गया महिला अपराध

एनसीआरबी के आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली में 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 13,892 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 2020 की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक की महत्वपूर्ण वृद्धि हुई. वर्ष 2020 में यह आंकड़ा 9,782 था. वहीं 2021 में 19 महानगरों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 43,414 मामले दर्ज किए गए. 

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एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले सभी 19 महानगरों की श्रेणी में कुल अपराधों का 32.20 प्रतिशत हैं. दिल्ली के बाद वित्तीय राजधानी मुंबई थी, जहां ऐसे 5,543 मामले और बेंगलुरु में 3,127 मामले आए थे. मुंबई और बेंगलुरु का 19 शहरों में हुए अपराध के कुल मामलों में क्रमश: 12.76 प्रतिशत और 7.2 प्रतिशत का योगदान है.

दिल्ली में हुए सबसे ज्यादा अपहरण 

बीस लाख से अधिक आबादी वाले अन्य महानगरीय शहरों की तुलना में 2021 में राष्ट्रीय राजधानी में अपहरण (3948), पतियों द्वारा क्रूरता (4674) और बालिकाओं से बलात्कार (833) से संबंधित श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए. आंकड़ों से पता चलता है कि 2021 में दिल्ली में हर दिन औसतन दो लड़कियों से बलात्कार हुआ.

रिपोर्ट के अनुसार राजधानी में 2021 में दहेज हत्या के 136 मामले दर्ज किए गए हैं, जो 19 महानगरों में होने वाली कुल मौतों का 36.26 प्रतिशत है. बालिकाओं के मामले में 2021 में पॉक्सो के तहत 1,357 मामले दर्ज किए गए. आंकड़ों के अनुसार, 2021 में बच्चियों से बलात्कार के 833 मामले दर्ज किए गए, जो महानगरों में सबसे अधिक हैं.

हत्या के मामलों में आई मामूली गिरावट

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एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में हत्या के मामलों में मामूली कमी दर्ज की गई. दिल्ली में 2021 में हत्या के 454 मामले जबकि 2020 में 461 और 2019 में 500 मामले आए थे.

2021 में दिल्ली दर्ज हत्या के ज्यादातर मामले संपत्ति और परिवारिक विवाद से जुड़े थे. 23 मामलों में प्रेम प्रसंग के कारण हत्या हुई और 12 हत्याएं अवैध संबंधों के कारण हुईं. इनमें 87 हत्याओं के पीछे निजी दुश्मनी वजह थी जबकि 10 हत्याएं निजी फायदे के कारण की गई. दिल्ली में दहेज, जादू टोने, बाल/नर बलि तथा साम्प्रदायिक, धार्मिक या जाति की वजहों से कोई हत्या नहीं हुई.

महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा आत्महत्या के मामले

एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा लोग आत्महत्या करते हैं. 2021 में देशभर में 1,64,033 लोगों ने आत्महत्या की थी, जिसमें 22,207 लोग महाराष्ट्र और 18,925 लोग तमिलनाडु से थे. इसके बाद मध्य प्रदेश में 14,965 आत्महत्याएं, पश्चिम बंगाल में 13,500 आत्महत्याएं और कर्नाटक में 13,056 आत्महत्या की घटनाएं सामने आई हैं.

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