
पाकिस्तान की कुख्यात जासूसी एजेंसी आईएसआई अब पंजाब में उग्रवाद फैलाने और जासूसी करने के नए से नए तरीके इजाद कर रही है. भारतीय सेना के अफसरों और कर्मचारियों को खूबसूरत महिलाओं के जरिए हनी ट्रैप का शिकार बनाने वाले वाली आईएसआई अब पंजाब में उग्रवाद को जीवित करने और जासूसी के लिए एक नए हनी ट्रैप का इस्तेमाल कर रही है.
पंजाब के एनआरआई प्रेम से भलीभांति परिचित आईएसआई अब इसी कमजोरी का फायदा उठाकर नकली एनआरआई जासूस भेज रही है. आईएसआई का मकसद पंजाब में उग्रवाद के जिन को फिर से जिंदा करना और जासूसी करना है. आईएसआई ने अब खूबसूरत महिलाओं के बजाए हैंडसम मर्दों का सहारा लेना शुरू कर दिया है, जो उनके लिए जासूसी करेंगे.
सूत्रों के मुताबिक, आईएसआई पंजाबी भाषा बोलने वाले और अच्छे डील-डौल वाले वाले जासूसों को नेपाल के रास्ते पंजाब पहुंचा रही है. इन जासूसों में से ज्यादातर के पास आसपास के देशों सहित कुछ यूरोप के देशों की नागरिकता भी रहती है. इसके आधार पर वे खुद को एनआरआई बताकर पंजाब की भोली-भाली लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनसे शादी कर रहे हैं.
यह शातिर जासूस पहले फेसबुक के जरिए महिलाओं के करीब आते हैं. फिर योजना के मुताबिक उनसे मिलकर उनके सामने शादी का प्रस्ताव रखते हैं. एनआरआई दूल्हों को पहली पसंद मानने वाली पंजाब की लड़कियां आसानी से इन पाकिस्तानी जासूसों के झांसे में आ रही है. इसी तरह का एक ताजा उदाहरण 12 अक्टूबर को जालंधर में सामने आया था.
यहां से पाकिस्तानी नागरिक एहसान उल हक गिरफ्तार हुआ था. एहसान उल हक नामक इस व्यक्ति की उम्र 57 साल है. वह मूलतः पाकिस्तान के ननकाना साहिब का रहने वाला है. उसने कथित तौर पर पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर के मुकुंदपुर गांव की 30 वर्षीय महिला बलविंदर कौर से 2012 में शादी कर ली. दोनों की मुलाकात 2011 में फेसबुक के जरिए हुई थी.
एहसान 3 महीने के वीजा पर 30 अगस्त 2017 को पंजाब आया था. वह 2012 से लेकर अब तक पांच बार पाकिस्तान से भारत आ चुका है. वह तलाकशुदा है. उसने 2006 में ऑस्ट्रिया की एक महिला से शादी की थी. दोनो सऊदी अरब में मिले थे. उसने शादी के बाद ऑस्ट्रिया की नागरिकता भी हासिल कर ली थी, लेकिन 2009 में तलाक हो गया था.
पुलिस के मुताबिक, 2015 में एहसान ने एक जाली आधार और पैन कार्ड बनवा कर जालंधर के करीब अलीपुर गांव में एक प्लाट भी खरीद लिया. सुरक्षा एजेंसियों को जब इसकी भनक मिली तो उसको गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां एहसान उल हक से पूछताछ करने में जुटी है. इसी के साथ पाक की नापाक साजिश का खुलासा हुआ है.