
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में अपर जिला जज ईसी एक्ट पी.एन. श्रीवास्तव ने गुरुवार को एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या के पांच साल पुराने मामले में तीन आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है. वहीं सबूतों के अभाव में दो आरोपियों को बरी कर दिया गया.
जानकारी के मुताबिक, विंध्याचल कोतवाली के अमरावती चौराहा के पास के निवासी चुलबुल मौर्य, उनके बेटे बृजलाल और पोता 15 वर्षीय नागेंद्र मौर्य 24/25 अप्रैल 2011 की रात में घर में सोए थे. उसी समय बदमाशों ने घर में घुसकर तीनों की हत्या कर दी थी.
तीनों लोगों की हत्या करके घर में पड़ा शव देख चुलबुल के बेटे रामबली की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. इस तरह से एक ही दिन में एक परिवार के चार लोगों की मौत हुई थी. मृतक बृजलाल की पत्नी शीला देवी की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया था.
इस में गांव के दो सगे भाइयों संगम पासी और पुद्दी पासी के अलावा उनके साथी संजय दुबे के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी. पुलिस ने पुन्नी यादव और हलीम का भी नाम अपराधियों में शामिल करते हुए आरोप पत्र दाखिल किया.
इसकी सुनवाई अपर जिला जल ईसी एक्ट पीएन श्रीवास्तव की अदालत में हुई. अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी केके पांडेय ने आठ गवाहों को परीक्षित कराया. न्यायालय ने संगम, पुद्दी और संजय उर्फ पंडा को दोष सिद्ध पाते हुए फांसी की सजा सुनाई.