
दिल्ली के शकरपुर इलाके में 4 साल की बच्ची की किडनैपिंग की कोशिश के मामले को पुलिस ने 24 घंटे के अंदर सुलझा लिया है. बच्ची के चाचा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस शख्स ने 20 लाख का कर्जा उतारने के लिए अपनी ही भतीजी के अपहरण की साजिश रची थी. किडनैपिंग की कोशिश का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. मंगलवार दोपहर की इस घटना में पूर्वी दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है और उसने आरोपी को धर दबोचा है.
बता दें, मंगलवार दोपहर पूर्वी दिल्ली जिले की पुलिस में उस समय हड़कंप मच गया जब उसे एक बच्ची की किडनैपिंग की सूचना मिली. हालांकि राहत की बात यह रही कि बदमाश बच्ची को किडनैप करने में विफल रहे, लेकिन दिनदहाड़े गली में घर के बाहर से बच्ची के अपहरण करने की कोशिश ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया.
घटना पूर्वी दिल्ली जिले के शकरपुर इलाके की है, जहां मंगलवार दोपहर एक कपड़ा व्यापारी की 4 साल की बच्ची को घर के बाहर से अपहरण करने की कोशिश की गई. तरुण गुप्ता जिनका गांधी नगर में कपड़े का व्यापार है, वे परिवार सहित शकरपुर इलाके में रहते हैं.
मंगलवार दोपहर तरुण की 4 साल की बेटी घर के बाहर खड़ी थी, तभी बाइक पर सवार दो अज्ञात बदमाशों ने बच्ची को उठाकर भागने की कोशिश की. बच्ची जोर से रोने लगी, बच्ची की आवाज सुनकर उसकी मां बाहर दौड़ी और बच्ची को छुड़ाने लगी. बच्ची की मां के शोर मचाने पर पड़ोसी दौड़ पड़े. अपने को फंसता देख किडनैपर बाइक लेकर भागने लगे. पड़ोसी प्रभाकर झा उनके पीछे दौड़ गए और दूसरे पड़ोसी ने रास्ते में स्कूटी लगा कर रास्ता रोक दी. इन दोनों पड़ोसियों ने बदमाशों की बाइक गिरा दी लेकिन बदमाश चाकू दिखाकर भागने में सफल रहे. ये पूरी वारदात गली में लगे cctv में कैद हो गई.
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बच्चे के परिवार ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने cctv फुटेज कब्जे में ली और जांच शुरू की. जांच के बाद 24 घंटे के अंदर पुलिस ने मामला सुलझाते हुए हैरान कर देने वाला खुलासा किया. पुलिस ने व्यापारी के सगे छोटे भाई उपेंद्र गुप्ता को अपनी ही भतीजी के अपहरण की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. उपेंद्र का कहना है कि उस पर 20 लाख का कर्ज हो गया था और भाई अपने व्यापार में उसे साथ नहीं रखता था. इसलिए अपहरण कर फिरौती मांगने की योजना थी, ताकि वह अपना कर्ज उतार सके.
इस साजिश में उपेंद्र ने अपने साथी धीरज को भी शामिल किया और उसे एक लाख रुपये देने का वादा किया. बाइक छोड़कर भागे बदमाशों की बाइक की जांच हुई तो धीरज गिरफ्त में आ गया. दरअसल वारदात में इस्तेमाल बाइक धीरज की थी जिसे उसने अपने पुराने पते पर लिया हुआ था. वहां से पुलिस को धीरज का सुराग मिल गया. फिलहाल पुलिस ने उपेंद्र ओर उसके साथी धीरज को गिरफ्तार कर लिया है और जांच कर रही है कि इस पूरी घटना में कोई और व्यक्ति भी शामिल तो नहीं है.