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मोसाद की नजर में जो चढ़ गया, समझो मर गया...ये हैं दुनिया की टॉप खुफिया एजेंसियां

मोसाद का मतलब मौत. एक बार जो मोसाद की निगाह में चढ़ गया, उसका बचना मुश्किल ही नामुमकिन है. मोसाद के खूंखार एजेंट उसे दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ निकालने का दमख़म रखते हैं. यही वजह है कि इजराइल की इस खुफिया एजेंसी को दुनिया की सबसे खतरनाक एजेंसी कहा जाता है.

दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी, जो इजराइल में है दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी, जो इजराइल में है
मुकेश कुमार
  • नई दिल्ली,
  • 05 जुलाई 2017,
  • अपडेटेड 2:14 PM IST

मोसाद का मतलब मौत. एक बार जो मोसाद की निगाह में चढ़ गया, उसका बचना मुश्किल ही नामुमकिन है. मोसाद के खूंखार एजेंट उसे दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ निकालने का दमख़म रखते हैं. यही वजह है कि इजराइल की इस खुफिया एजेंसी को दुनिया की सबसे खतरनाक एजेंसी कहा जाता है. मोसाद की पहुंच हर उस जगह तक है जहां इजराइल या उसके नागरिकों के खिलाफ कोई भी साजिश रची जा रही हो. मोसाद का इतिहास 63 साल पुराना है. इसका मुख्यालय इजराइल के तेल अवीब शहर में है.

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मोसाद यानी इंस्टीट्यूट फॉर इंटेलीजेंस एंड स्पेशल ऑपरेशन इजरायल की नेशनल इंटेलीजेंस एजेंसी. इसका गठन 13 दिसंबर 1949 को 'सेंट्रल इंस्टीट्यूशन फॉर को-ऑर्डिनेशन' के बतौर हुआ. इस एजेंसी को बनाने का प्रस्ताव रियुवैन शिलोह द्वारा प्रधानमंत्री डेविड बैन गुरैना के कार्यकाल में दिया गया था. उन्हें ही मोसाद का डायरेक्टर बनाया गया. इसका मुख्य उद्‍येश्य आतंकवाद के खिलाफ लड़ना, खुफिया जानकारी एकत्रित करना और राजनीतिक हत्याओं को अंजाम देना है. यह इंटेलीजेंस कम्यूनिटी में प्रमुख वर्चस्व रखती है.

आइए जानते हैं मोसाद की तरह दुनिया की टॉप खुफिया एजेंसियों के बारे में...

1- भारत का RAW

भारत की खुफिया एजेंसी रॉ यानी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग को दुनिया की ताकतवर खुफिया एजेंसी माना गया है. इसकी स्थापना 1968 में की गई थी. इसका मुख्यालय दिल्ली में है. इस एजेंसी की खासियत यह है कि भारत के प्रधानमंत्री के अलावा किसी के प्रति जवाबदेह नहीं है. रॉ विदेशी मामलों, अपराधियों, आतंकियों के बारे में पूरी जानकारी रखती है. वहीं, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) भी देश की सुरक्षा के लिए काम करती है. दोनों एजेंसियों ने मिलकर कई बड़े आतंकी हमलों को नाकाम किया है.

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2- पाकिस्तान की ISI

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई यानी इंटर सर्विसेस इंटेलीजेंस को दुनिया की नंबर एक खुफिया एजेंसी माना जाता है. इसकी स्थापना साल 1948 में हुई थी. इसका मुख्यालय इस्लामाबाद के शहराह ए सोहरावर्दी में है. इसकी नींव ऑस्ट्रेलियाई मूल के ब्रिटिश आर्मी ऑफिसर मेजर जनरल आर. कैथोम ने रखी थी, जो उस वक्त पाकिस्तानी आर्मी स्टाफ के मुख्य थे. देश की सुरक्षा के नाम पर आईएसआई पर आए दिन आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगते हैं. कई आतंकी हमलों में उसका हाथ माना जाता है.

3- अमेरिका की CIA

अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए यानी सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी की स्थापना साल 1947 में हुई थी. इसका मुख्यालय वाशिंगटन के पास वर्जीनिया में है. सीआईए को अमेरिका ही नहीं दुनिया में सबसे ज्यादा सक्षम और ताकतवर मानी जाती है। सीआईए के अलावा अमेरिका में तीन एजेंसियां एनएसए, डीआईए और एफबीआई हैं. सीआईए का काम साइबर क्राइम, आतंकवाद रोकने समेत विदेशों से सूचना एकत्रित करना है. 2013 में वाशिंगटन पोस्ट ने सीआईए को सबसे ज्यादा बजट वाली खुफिया एजेंसी बताया था.

4- चीन का MSS

चीन की खुफिया एजेंसी एमएसएस यानी मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्यूरिटी सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी है. इसकी स्थापना 1983 में हुई थी. इसका मुख्यालय बीजींग में है. इसकी काम भी बाकी देशों की खुफिया एजेंसी की तरह है, लेकिन यह देश को राजनैतिक रूप से सुरक्षित रखने के लिए काम करती है.

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