
चीन के रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया. जिसमें चीन के एंफिबियस वाहन पानी के अंदर घुसकर फायरिंग कर रहे हैं. तट पर लैंडिंग कर रहे हैं. यह समंदर के रास्ते घुसपैठ की प्रैक्टिस है. जिसे देखकर लगता है कि चीन बहुत जल्दी ताइवान पर हमला कर सकता है. क्योंकि ताइवान ही एक ऐसा देश है, जिस पर हमला करने के लिए चीन को समंदर का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा.
Video देखकर लगता है कि चीन की तैयारी है जबरदस्त
चीन की सेना में ग्रुप है, जिसका नाम है- पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ग्राउंड फोर्स (PLAGF). इस टीम का मकसद यही है कि ये ताइवान की खाड़ी में किसी भी तरह के ऑपरेशन को अंजाम दे सके. हैरानी इस बात की है कि चीन के बख्तरबंद वाहन, टैंक और एंफिबियस व्हीकल्स समंदर में उतर कर फायरिंग कर रहे हैं.
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Video में यह चीज बेहद साफ दिखाई दे रही है कि चीन बड़े पैमाने पर एंफिबियस सैन्य वाहनों का इस्तेमाल करके ताइवान पर हमला कर सकता है. एंफिबियस सैन्य वाहन यानी जो पानी और जमीन दोनों पर चल सके. इसकी मदद से हमला किया जा सकता है. सैनिकों को ले जाया जा सकता है.
चीन के पास खतरनाक फ्लीट है एंफिबियस वाहनों और युद्धपोतों का
चीन ने इस ड्रिल में जिन एंफिबियस वाहनों का इस्तेमाल किया है, वो हैं- ZBD-05 और ZTD-05. चीन के पास दुनिया की सबसे शानदार एंफिबियस असॉल्ट शिप्स का बेड़ा है. इसमें हेलिकॉप्टर, सैनिक और लैंडिंग क्राफ्ट ले जाने वाली युद्धपोत भी हैं. ताकि बड़े पैमाने पर एंफिबियस हमला करने में आसानी हो सके.
सिर्फ इतना ही नहीं इसके अलावा ड्रोन सपोर्ट सिस्टम भी है. इससे चीन को ज्यादा टैक्टिकल फायदा मिलेगा. इस ड्रिल में चीन ने टाइप 075 और टाइप 076 एंफिबियस असॉल्ट शिप्ट का भी इस्तेमाल किया था. चीन का प्लान है कि वो अपने होवरक्राफ्ट्स के जरिए सैनिकों को ताइवान से जंग के लिए भेजेगा.
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पानी में उतारा ऐसा हथियार, जो न रुकता है, न डूबता है... बस हमला करता है
अगर बात करें ZBD-05 की तो इसमें पानी की तेज धार फेंकने वाली मशीन लगी है. यह पानी में 28 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकता है. इसे हर तरह से पानी में चलने लायक बनाया गया है. इसमें 30 मिलिमीटर की ऑटोकैनन लगी है. इसके अलावा 7.62 मिलिमीटर की कोएक्सिएल मशीन गन है.
साथ ही HJ-73C एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल लॉन्चर भी लगा है. यानी दुश्मन के टैंक, वाहन आदि पर भी सीधे हमला किया जा सकता है. इन गाड़ियों का बख्तरबंद बेहद मजबूत होता है. छोटे हथियारों का कोई असर नहीं होता. ZTD-05 से भयानक विस्फोट करने वाले गोले निकलते हैं. इससे कई तरह के हमले किए जा सकते हैं.