Advertisement

ताइवान, अमेरिका और फिलीपींस... तीन तरफ से जंग की तैयारी में चीन, कायराना हरकतों से उकसा रहा इन देशों को

China एकसाथ तीन देशों से पंगा ले रहा है. ताइवान की खाड़ी में घुसपैठ कर रहा है. फिलीपींस के नौसैनिकों पर हमला किया. इतना ही नहीं उसने अमेरिका के फाइटर जेट्स पर हमला करने की प्रैक्टिस भी शुरू कर दी है. यानी चीन एकसाथ थ्री फ्रंट वॉर की तैयारी में है. चीन की यही कायराना हरकत दुनिया में बड़े जंग की शुरूआत करेंगे.

चीन थ्री फ्रंट वॉर की तैयारी में दिख रहा है. अमेरिका, फिलीपींस और ताइवान तीनों से एकसाथ मुसीबत मोल लेता दिख रहा है. चीन थ्री फ्रंट वॉर की तैयारी में दिख रहा है. अमेरिका, फिलीपींस और ताइवान तीनों से एकसाथ मुसीबत मोल लेता दिख रहा है.
ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 21 जून 2024,
  • अपडेटेड 4:47 PM IST

चीन अपनी नापाक हरकतों से तीन देशों को उकसा रहा है. सिर्फ तीन देशों को नहीं बल्कि दुनिया के एक बड़े हिस्से को परेशान कर रहा है. ताइवान की खाड़ी में उसके फाइटर जेट्स और युद्धपोतों ने घुसपैठ की है. उधर, फिलिपींस के नौसैनिकों पर हमले का नया वीडियो आया है. इसके अलावा चीन के सैनिक अमेरिकी फाइटर जेट्स को उड़ाने की प्रैक्टिस कर रहे हैं. 

Advertisement

ताइवान की खाड़ी में भेजे 36 एयरक्राफ्ट औऱ 7 युद्धपोत

चीनी एयरफोर्स के 36 एयरक्राफ्ट और चीनी नौसेना के 7 युद्धपोत ताइवान की खाड़ी में घुसपैठ करते देखे गए. ये घटना 21 जून 2024 की सुबह 6 बजे की है. चीन के 36 में 34 फाइटर जेट्स ने ताइवान की खाड़ी में मौजूद मीडियन लाइन को पार किया है. चीनी विमानों ने ताइवान के दक्षिण-पश्चिम और पूर्वी ADIZ में भी घुसपैठ की है. 

यह भी पढ़ें: यहां से शुरू होगा World War 3... चीन की हरकतें दुनिया में कराएंगी कलह

चीन की यह कायराना हरकत तब सामने आई है, जब दो दिन पहले ही अमेरिका ने ताइवान को 1000 से ज्यादा सुसाइड ड्रोन्स देने की बात कही है. अमेरिकी सरकार ने ताइवान को एक हजार से ज्यादा कामीकेज ड्रोन्स यानी सुसाइड ड्रोन्स देने को कहा है. इनमें स्विचब्लेड 300 और अल्टियर 600एम टाइप्स ड्रोन्स शामिल होंगे. 

Advertisement

इन्हीं ड्रोन्स के जरिए यूक्रेन के सैनिक रूसी हमले को नाकाम करते हैं. उनके टैंकों, मिसाइल बैटरी और बख्तरबंद वाहनों को उड़ा रहे हैं. अगर भविष्य में ताइवान की खाड़ी के जरिए चीन घुसपैठ की कोशिश करता है, तो ताइवान इन ड्रोन्स की मदद से उसके युद्धपोतों पर भयानक हमला कर सकता है. 

यह भी पढ़ें: दो जंग जारी हैं, दो नए मोर्चे और खुल रहे... क्या सच में World War-3 होने वाला है?

अमेरिका का प्लान है कि वह ताइवान को इन ड्रोन्स को युद्ध के दौरान इस्तेमाल के तरीके बताएगा. ताकि चीन के मानवरहित एरियल सिस्टम, नाव, सबमरीन, अंडरवाटर व्हीकल्स पर हमला करके उन्हें खत्म कर सके. इस प्लान को अमेरिका ने Hellscape नाम दिया है. इसके अलावा ताइवान के सैनिकों को एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें दागने की खतरनाक प्रैक्टिस करवाई जा रही है. ताकि चीन के लैंडिंग क्राफ्ट्स पर हमला कर सकें. 

फिलीपींस के नौसैनिकों पर हमले का नया Video आया सामने

इस बीच एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें चीन के कोस्ट गार्ड्स अपने नावों से फिलीपींस के रीसप्लाई वेसल और बोट्स पर टक्कर मारते हैं. उन्हें घेरते हैं. ऊपर चढ़ा देते हैं. फिलीपींस के मरीन कमांडों की उंगली काटते हैं. फिलीपींस के सैनिकों की तरफ लेजर लाइट जलाते हैं. इसके बावजूद फिलीपींस के सैनिकों ने अत्यधिक धैर्य का परिचय दिया. चीन के सैनिक फिलीपींस की बोट से सामान चुराते भी दिखाई देते हैं. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: योग दिवस पर आई बड़ी खबर... INS Talwar में दिखा ब्रह्मोस UVLM, जानिए कितनी बढ़ी ताकत

अमेरिका के फाइटर जेट्स और एयरक्राफ्ट कैरियर की डमी पर प्रैक्टिस

चीन को पता है कि फिलिपींस और ताइवान पर हमला करते ही अमेरिका सबसे पहले सामने आएगा. इसलिए चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के सैनिक नए तरह की प्रैक्टिस कर रहे हैं. चीन के शिनजियांग के टकलामाकन रेगिस्तान में मौजूद काकिलिक इलाके में अमेरिका फाइटर जेट्स और एयरक्राफ्ट कैरियर्स की डमी बनाकर उन्हें नष्ट करने की प्रैक्टिस की जा रही है. 

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयरफोर्स के पायलट अमेरिका के F-35 और F-22 रैप्टर फाइटर जेट्स के डमी पर अपने फाइटर जेट्स से निशाना लगा रहे हैं. ताकि जब असली युद्ध हो तो उनका निशाना चूके नहीं. सिर्फ फाइटर जेट्स की बात नहीं है, बल्कि इसी जगह पर 75 मीटर लंबे एयरक्राफ्ट कैरियर और युद्धपोत के डमी भी बनाए गए हैं. जिनपर चीनी फाइटर जेट्स निशाना लगाने की प्रैक्टिस कर रहे हैं. 

चीन इस तरह की प्रैक्टिस केजरिए अपनी सेना का एंटी-एयरक्राफ्ट कैरियर क्षमता की जांच कर रहा है. इसलिए उसने अपने रेगिस्तान में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और डेस्ट्रॉयर्स की डमी बना रखी है. उनपर फाइटर जेट्स से मिसाइलें और बमों से हमला किया जा रहा है. युद्ध में स्थिति अलग होगी लेकिन प्रैक्टिस करना चीन की सेना की ताकत और क्षमता को बढ़ाएगा.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement