Advertisement

चीन ने 44 साल बाद DF-41 मिसाइल का किया फुल रेंज परीक्षण, 31 हजार km/hr की स्पीड से 12 हजार km दूर गिरी

44 साल बाद चीन ने अपनी ICBM मिसाइल का फुल रेंज परीक्षण किया. यानी जितनी रेंज तक मिसाइल जा सकती है, उसे उतनी रेंज तक दागा जाए. माना जा रहा है कि ये DF-41 मिसाइल है. ये मिसाइल 12 हजार km की दूरी पार करते हुए प्रशांत महासागर ऑस्ट्रेलिया के पास कहीं गिरी. एक मिसाइल से चीन 3-8 टारगेट हिट कर सकता है. इतनी दूरी यानी अमेरिका टारगेट...

बाएं से... अनजान लोकेशन से डीएफ-41 परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च होते हुए. मिलिट्री परेड में इस मिसाइल का पिछली साल प्रदर्शन हुआ था. (फोटोः PLA/WeChat/AFP) बाएं से... अनजान लोकेशन से डीएफ-41 परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च होते हुए. मिलिट्री परेड में इस मिसाइल का पिछली साल प्रदर्शन हुआ था. (फोटोः PLA/WeChat/AFP)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 26 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 3:23 PM IST

चीन ने मई 1980 के बाद पहली बार अपनी इंटरकॉन्टीनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का फुल रेंज परीक्षण किया. कहा जा रहा है कि चीन ने DF-41 परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है. लेकिन चीन की तरफ से मिसाइल के वैरिएंट को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. DF यानी डोन्गफेंग. 

यह भी पढ़ें: इजरायल ऐसे ही नहीं है महाबली... इन 12 'महाअस्त्रों' की नहीं है लेबनान-ईरान के पास काट

Advertisement

यहां देखिए इस मिसाइल की लॉन्चिंग का Video

1980 में चीन ने DF-5 का इसी तरह परीक्षण किया था. उस मिसाइल ने 9000 किलोमीटर की यात्रा पूरी की थी. इस बार DF-41 ने 12 हजार किलोमीटर की यात्रा की है.  जबकि इसकी ऑपरेशनल रेंज 12 से 15 हजार किलोमीटर है. यह मिसाइल इस लायक है कि यह अमेरिका के कई शहरों को तबाह कर सकती है.

यह भी पढ़ें: क्या है Suicide Pod... एक महिला की मौत के बाद स्विट्जरलैंड में इसे लेकर क्यों हो रहा बवाल?

चीन ने इस मिसाइल परीक्षण से पहले इसके रास्ते में आने वाले देशों को सूचित कर दिया था. लेकिन उसके रास्ते के बारे में किसी को नहीं बताया था. न ही टारगेट के बारे में. दावा किया गया है कि डीएफ-41 मिसाइल प्रशांत महासागर में तय टारगेट स्थान पर गिरी. यह एक एटमॉस्फियरिक टेस्ट था. यानी मिसाइल को वायुमंडल के बाहर भेजकर वापस लाना. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: धरती के पास कितने दिन रहेगा Mini-Moon, कैसे आएगा नजर? जान लीजिए

कौन-कौन से देश पड़े इस मिसाइल के रास्ते में... 

चीन ने मिसाइल दागी. यह पहले सीधी उड़ान भरती है. इसके बाद वायुमंडल के ऊपर जाती है. जबकि नीचे की तरफ कई देश परेशान रहते हैं. इसके बाद इन देशों को पार करते हुए मिसाइल ऑस्ट्रेलिया के पास समंदर में गिर जाती है. जिन देशों के ऊपर से यह मिसाइल गुजरी है, उसमें सोलोमन आइलैंड, नाउरू, गिलबर्ट आइलैंड, तुवालू, पश्चिमी सामोआ, फिजी और न्यू हेब्रिड्स शामिल हैं. 

यह भी पढ़ें: हिज्बुल्लाह ने इजरायल से पंगा लिया और मार खा रहे आम लोग... तबाह लेबनान के घर-शहर और सड़कों की 15 तस्वीरें

जानते हैं इस मिसाइल की ताकत... 

साल 2017 से चीन की सेना में शामिल. डोन्गफेंग-41 चीन की चौथी पीढ़ी की सॉलिड फ्यूल्ड रोड-मोबाइल इंटरकॉन्टीनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है. यह चीन की स्ट्रैटेजिक परमाणु मिसाइल है. 80 हजार किलोग्राम वजनी इस मिसाइल की लंबाई 72 फीट और व्यास 7.5 फीट है. इसमें 250 किलोटन के 8 या 150 किलोटन के 10 वॉरहेड लगाए जा सकते हैं. यानी MIRV तकनीक से लैस. मतलब एक ही मिसाइल से कई टारगेट्स पर निशाना. 

यह भी पढ़ें: हिज्बुल्लाह हमास नहीं है... ग्राउंड अटैक को लेकर इजरायल को क्यों चेता रहे हैं इंटरनेशनल सिक्योरिटी एक्सपर्ट

Advertisement

इस मिसाइल की रेंज 12 से 15 हजार किलोमीटर है. यह अधिकतम 31,425 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उड़ान भरती है. यानी यह हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल है. यह साउंड की स्पीड से 25 गुना ज्यादा है. इस मिसाइल को साइलो, रोड मोबाइल ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर या रेल मोबाइल के जरिए लॉन्च किया जाता है. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement