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China ने लॉन्च की नई हाइपरसोनिक मिसाइल... जानिए भारत को इससे कितना खतरा, Video

China ने नई हाइपरसोनिक मिसाइल बना ली है. हाल ही इसका H-6K Bomber से सफल परीक्षण भी किया गया. चीन ने इसकी खासियतों का खुलासा तो नहीं किया, लेकिन यह रूस के किंझल मिसाइल जैसी दिखती है. साथ ही चीन की पुरानी मिसाइल KD-21 या YJ-21 की एडवांस वर्जन लगती है.

ये है चीन की नई मिसाइल (लाल घेरे में) के परीक्षण के दौरान बमवर्षक से बनाए गए वीडियो का ग्रैब. (फोटोः वीबो) ये है चीन की नई मिसाइल (लाल घेरे में) के परीक्षण के दौरान बमवर्षक से बनाए गए वीडियो का ग्रैब. (फोटोः वीबो)
ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 14 मई 2024,
  • अपडेटेड 5:04 PM IST

चीन ने हाल ही में एक नई हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया है. मिसाइल को H-6K बॉम्बर यानी बमवर्षक को लॉन्च किया गया. यानी यह एक एयर लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल हैं. इसका नाम 2PZD-21 है. इसका वीडियो भी जारी किया गया है. जिसमें एक बमवर्षक को बमों और मिसाइल के साथ उड़ाया जाता है.

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इसके बाद तय स्थान पर बम और मिसाइल को गिराया गया. सभी ने एकदम सटीक निशाना लगाया. आप इसका वीडियो यहां नीचे देख सकते हैं. 

चीन ने मिसाइल की ताकत या क्षमता का खुलासा नहीं किया है. लेकिन यह माना जा रहा है कि यह KD-21 या YJ-21 का ही एडवांस वर्जन है. यह करीब 27 फीट लंबी है. इसकी रेंज करीब 1500 किलोमीटर है. टारगेट पर निशाना लगाते समय इस मिसाइल की गति 4770 km/hr थी. जबकि अधिकतम गति 7408 km/hr हो सकती है. 

एक बात तो तय है कि अगर चीन इस मिसाइल का इस्तेमाल भारत के लिए करता है, स्थिति बेहद विकट हो सकती है. क्योंकि हाइपरसोनिक मिसाइलों को रोकने की क्षमता और तकनीक फिलहाल देश में नहीं है. भारत के पास जितने भी एंटी-मिसाइल तकनीक है, उनकी क्षमता हाइपरसोनिक मिसाइलों को लेकर जांची नहीं गई है. 

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जिस बमवर्षक से हाइपरसोनिक मिसाइल दागी गई, उसी से दर्जनों बम भी गिराए गए. 

रूस की किंझल मिसाइल जैसी दिखती है

इसकी उड़ान, स्पीड और टारगेट पहचानने की क्षमता देखकर लगाता है कि ये जमीन और पानी दोनों पर अपने टारगेट्स को हिट कर सकती है. यह मिसाइल बहुत हद तक रूस के किंझल मिसाइल (Kinzhal Missile) की तरह दिखती है. किंझल भी हाइपरसोनिक है, जिसका इस्तेमाल रूस ने यूक्रेन पर कई बार किया है. 

इस मिसाइल में पारंपरिक वॉरहेड लगा सकते हैं. जहां तक बात रही H-6K Bomber की तो यह सोवियत युग के Tu-16 Badger बमवर्षक का अपग्रेडेड वर्जन है. जिसे चीन ने अपने इस्तेमाल के हिसाब से बदल लिया है. इस विमान से कई तरह के काम किए जा सकते हैं. यह क्रूज, बैलिस्टिक या हाइपरसोनिक मिसाइल दाग सकता है. 

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चीन ने इस मिसाइल को विमान के विंग पाइलॉन से लॉन्च किया. यानी यह मिसाइल जल्द ही चीन की वायु सेना में शामिल हो जाएगी. साल 2022 में भी H-6 Bomber से ऐसी ही मिसाइल को लॉन्च किया गया था. लेकिन वो  KD-21 या YJ-21 थे. 

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क्या होती है हाइपरसोनिक मिसाइल? 

हाइपरसोनिक मिसाइल वो हथियार होते हैं, जो ध्वनि की गति से पांच गुना ज्यादा तेज चले. यानी कम से कम मैक 5. साधारण भाषा में इन मिसाइलों की गति 6100 km/hr होती है. इनकी गति और दिशा में बदलाव करने की क्षमता इतनी ज्यादा सटीक और ताकतवर होती हैं, कि इन्हें ट्रैक करना और मार गिराना अंसभव होता है. 

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क्या सभी मिसाइल हाइपरसोनिक हो सकते हैं?  

आमतौर पर क्रूज मिसाइल या बैलिस्टिक मिसाइलों की गति काफी ज्यादा तेज होती है. लेकिन इनकी तय दिशा और यात्रा मार्ग की वजह से इन्हें ट्रैक किया जा सकता है. इन्हें मारकर गिराया जा सकता है. अगर इनकी गति ध्वनि की गति से पांच गुना ज्यादा यानी 6100 km/hr कर दें. साथ ही स्वतः दिशा बदलने वाले यंत्र लगा दें तो ये हाइपरसोनिक हथियारों में बदल जाते हैं.  

कितने प्रकार के होते हैं हाइपरसोनिक हथियार?

हाइपरसोनिक हथियार दो प्रकार के होते हैं. पहला- ग्लाइड व्हीकल्स यानी हवा में तैरने वाले. दूसरा- क्रूज मिसाइल. अभी दुनिया का फोकस ग्लाइड व्हीकल्स पर है. जिसके पीछे छोटी मिसाइल लगाई जाती है. फिर उसे मिसाइल लॉन्चर से छोड़ा जाता है. एक निश्चित दूरी तय करने के बाद मिसाइल अलग हो जाती है. उसके बाद ग्लाइड व्हीकल्स आसानी से उड़ते हुए टारगेट पर हमला करता है. इन हथियारों में आमतौर पर स्क्रैमजेट इंजन लगा होता है, जो हवा में मौजूद ऑक्सीजन का उपयोग करके तेजी से उड़ता है. इससे उसे एक तय गति और ऊंचाई मिलती है. 

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किन देशों के पास हैं हाइपरसोनिक मिसाइल? 

हाइपरसोनिक मिसाइल अमेरिका, रूस और चीन के पास हैं. उत्तर कोरिया ने भी हाल ही में यह दावा किया है उसने हाइपरसोनिक मिसाइल विकसित कर ली है. ये धरती से अंतरिक्ष या धरती से धरती के दूसरे हिस्से में सटीकता से मार कर सकते हैं. वैसे भारत भी ऐसी मिसाइल को विकसित करने में जुटा हुआ है. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया और कुछ यूरोपीय देशों के बारे में भी चर्चा होती रहती है.

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