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भारतीय समुद्री सीमा की किलेबंदी करने के लिए 14 फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) और 6 नेक्स्ट-जेन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPVs) की प्लेट कंटिंग का काम शुरू हो गया है. ये सभी जहाज भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के लिए हैं. प्लेट कंटिंग मतलब जहाज का काम शुरू हो चुका है.
यह आयोजन मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में शुरू हुआ है. आत्मनिर्भर भारत के तहत यह वेसल पूरी तरह से भारतीय होंगे. इनमें लगने वाली सारे यंत्र स्वदेशी होंगे. ये प्रोजेक्ट कुल मिलाकर 2684 करोड़ रुपए है. इन वेसल्स को फ्यूचर कटिंग-एज टेक्नोलॉजी के साथ बनाया जाएगा. इनमें ड्रोन्स होंगे जो सर्विलांस करेंगे.
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AI बेस्ड सुपीरियर डिसिजन-मेकिंग क्षमता होगी. बेहतरीन मैन्यूवरिबलिटी के लिए इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम (IBS) लगा होगा. ऑपरेशनल एफिसिएंसी के लिए इंटीग्रेटेड मशीनरी कंट्रोल सिस्टम (IMCS) लगा होगा. इस तरह के स्टेट-ऑफ-द-आर्ट वेसल से कोस्टगार्ड की ताकत में कई गुना इजाफा होगा. साथी समुद्री सीमा भी सुरक्षित होगी.
प्लेट कटिंग कार्यक्रम में MDL के शिपबिल्डिंग डायरेक्टर, कोस्टगार्ड मुख्याल से मेटेरियल के प्रिसिंपल डायरेक्टर, मुंबई के सुप्रीटेंडेंट ऑफ द कोस्ट गार्ड रिफिट एंड प्रोडक्शन टीम मौजूद थे. एमडीएल ने भरोसा दिलाया है कि वो वर्ल्ड क्लास का वेसल कोस्टगार्ड को मुहैया कराएगा. यह पूरा का पूरा स्वदेशी होगा.
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तटों की सुरक्षा के लिए फास्ट पेट्रोल वेसल और NGOPVs काफी फायदेमंद होते हैं. ये तेज गति में चलने वाले बोट्स होते हैं, जिनसे स्मगलर्स, समुद्री लुटेरों आदि का पीछा किया जाता है. अगले कुछ ही वर्षों में ये वेसल कोस्टगार्ड को मिलने शुरू हो जाएंगे.