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RudraM-2 Missile: भारत ने किया अपनी सुपर किलर मिसाइल का सफल परीक्षण, हाइपरसोनिक स्पीड है कमाल

DRDO ने देश की सुपर किलर मिसाइल RudraM-2 का सफल परीक्षण किया है. इसे Su-30MKI फाइटर जेट से लॉन्च किया गया. यह हवा से से सतह पर मार करने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल है. इसकी तुलना रूस की Kh-31PD मिसाइल से की जा रही है.

ये है रुद्रम-2 एंटी-रेडिएशन मिसाइल, जिसे हवा से सतह पर मार करने के लिए बनाया गया है. ये है रुद्रम-2 एंटी-रेडिएशन मिसाइल, जिसे हवा से सतह पर मार करने के लिए बनाया गया है.
मंजीत नेगी/ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2024,
  • अपडेटेड 5:10 PM IST

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 29 मई 2024 की सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे देश की सबसे शानदार मिसाइल का सफल फ्लाइट टेस्ट किया. RudraM-2 मिसाइल को Su-30MKI फाइटर जेट से लॉन्च किया गया. परीक्षण के दौरान मिसाइल के प्रोप्लशन सिस्टम, कंट्रोल एंड गाइडेंस सिस्टम, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम, राडार और टेलिमेट्री स्टेशंस की जांच की गई. 

फ्लाइट डेटा कई स्टेशनों पर तैनात राडार से मिलाया गया. यह ऐसी मिसाइल है, जो दुश्मन के किसी भी तरह के एसेट यानी हथियार, बंकर, जहाज, विमान, आयुध डिपो को उड़ा सकती है. आइए अब जानते हैं इस मिसाइल की ताकत. यह मिसाइल दुश्मन की तरफ 6791.4 km/hr की स्पीड से जाती है. 

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यहां देखिए मिसाइल टेस्ट का Video

यह हवा से सतह पर मार करने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल (Air-To-Surface Hypersonic Missile) है. यह एक एंटी-रेडिएशन मिसाइल है. यानी ऐसी सैटेलाइट जिसे दुश्मन का कोई राडार सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम, रेडियो फ्रिक्वेंसी यंत्र, या किसी भी तरह का संचार सिस्टम इसे पकड़ नहीं सकता. 

इस मिसाइल की तुलना रूस की खतरनाक मिसाइल Kh-31PD से की जा रही है. रूस ने यूक्रेन पर हमला करने के लिए इस मिसाइल का बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया था. 

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18 फीट लंबी मिसाइल में 155 kg का हथियार

RudraM-2 मिसाइल को DRDO ने डिजाइन किया है. इसे बनाया है भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने मिलकर. इसकी लंबाई 18 फीट होती है. यह करीब 155 किलोग्राम वजन का हथियार लेकर उड़ान भर सकता है. इसमें प्री-फ्रैगमेंटेड वॉरहेड लगाया जाता है. 

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300 km रेंज, सटीकता 5 मीटर, हमला घातक

रुद्रम-2 की रेंज 300 किलोमीटर है. यह अधिकतम 3 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकती है. सबसे खतरनाक तो इसकी गति है. यह ध्वनि की गति से पांच गुना ज्यादा स्पीड से उड़ान भरती है. इसमें आईएनएस और सैटनैव गाइडेंस सिस्टम लगा है. साथ में पैसिव राडार होमिंग सिस्टम है. इसकी सटीकता 5 मीटर है. यानी टारगेट से पांच मीटर दूर भी गिरती है, तो भी वह पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगा. 

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इन फाइटर जेट्स में तैनात, इनकी तैयारी है

भारतीय वायुसेना का प्लान है कि इसे तेजस फाइटर जेट, एएमसीए और टेडबीएफ फाइटर जेट में लगाया जाएगा. फिलहाल यह मिग-29, मिराज, जगुआर और सुखोई विमानों में तैनात होने लायक बनाई गई है. इस मिसाइल के मुख्य मकसद ही दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को बर्बाद कर देना. यह बेहद आराम से दुश्मन के बंकर, एयरबेस, हथियार डिपो, एयरक्राफ्ट हैंगर जैसे टारगेट को आसानी से बर्बाद कर सकती है. 

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