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DRDO ने की स्वदेशी 'S-400' की टेस्टिंग, जानिए छोटे रेंज के इस घातक महाहथियार की ताकत

DRDO ने देश में बने स्वदेशी S-400 एयर डिफेंस सिस्टम जैसे महाहथियार की सफल टेस्टिंग की है. इसका नाम है वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS). यह हथियार तेज गति से आने वाले ड्रोन, फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर या मिसाइल को मार सकता है. खासियत इसे कहीं भी तैनात कर सकते हैं.

ओडिशा का चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से इस मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया. (फोटोः रक्षा मंत्रालय) ओडिशा का चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से इस मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया. (फोटोः रक्षा मंत्रालय)
aajtak.in
  • चांदीपुर (ओडिशा),
  • 01 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 12:51 PM IST

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO ने 28 और 29 फरवरी को ओडिशा के समुद्र तट पर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) चांदीपुर में बहुत कम दूरी की हवाई रक्षा प्रणाली (Very Short Range Air Defence System - VSHORADS) का सफल परीक्षण किया. 

यह एयर डिफेंस सिस्टम रूस के S-400 की तरह ही है. इस मिसाइल की स्पीड एयर डिफेंस सिस्टम के हिसाब से बेहतरीन है. इससे दुश्मन के यान, विमान, हेलिकॉप्टर और ड्रोन को भागने या बचने का मौका ही नहीं मिलेगा. यहां नीचे देखिए इस टेस्टिंग का Video...  

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VSHORADS का वजन 20.5 किलोग्राम होता है. इसकी लंबाई करीब 6.7 फीट है और व्यास 3.5 इंच. यह अपने साथ 2 किलोग्राम वजन का हथियार ले जा सकता है. इसकी रेंज 250 मीटर से 6 किलोमीटर है. अधिकतम 11,500 फीट तक जा सकता है. अधिकतम गति मैक 1.5 है. यानी 1800 किमी प्रतिघंटा. इससे पहले इसकी टेस्टिंग पिछले साल मार्च और 2022 में 27 सितंबर को की गई थी.  

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VSHORADS को जमीन पर मौजूद मैन पोर्टेबल लॉन्चर से दागा गया. यानी इसे कोई भी आराम से किसी भी जगह ले जाकर दाग सकता है. चाहे वह चीन की सीमा से सटे हिमालय के पहाड़ हों. या फिर पाकिस्तान से सटी रेगिस्तानी सीमा. इससे विमान, फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर, मिसाइल या ड्रोन को मार गिराया जा सकता है. 

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VSHORADS बेसिकली एक कम दूरी की इंटरसेप्टर मिसाइल है. जैसे रूस का S-400 एयर डिफेंस सिस्टम है. खास बात ये है कि इस हवाई सुरक्षा प्रणाली को देश में ही विकसित किया गया है. इसे बनाने में डीआरडीओ की मदद हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत ने की है. 

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इस मिसाइल में कई तरह की नई आधुनिक तकनीकें लगाई गई हैं. जैसे- ड्यूल बैंड IIR सीकर, मिनिएचर रिएक्शन कंट्रोल सिस्टम, इंटीग्रेटेड एवियोनिक्स. इसका प्रोपल्शन सिस्ट ड्यूल थ्रस्ट सॉलिड मोटर है, जो इसे तेज गति प्रदान करता है. इस मिसाइल का इस्तेमाल भारतीय सेनाएं एंटी-एयरक्राफ्ट वॉरफेयर में कर सकती हैं. 

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