
फ्रांस की नौसेना ने अपनी दो नौसैनिक मिसाइलों का ऐसा डबल पंच तैयार किया है, जिसे दुनिया का कोई भी एयर डिफेंस सिस्टम रोक नहीं पाएगा. फ्रांस ने अपने एक युद्धपोत और पनडुब्बी से दो नेवल क्रूज मिसाइलें दागीं. इनका टारगेट था जमीन पर मौजूद एक नकली अड्डा. युद्धपोत और पनडुब्बी दोनों एकदूसरे से 400 किलोमीटर दूर थे.
सफ्रैन-क्लास की न्यूक्लियर पावर्ड अटैक सबमरीन बिस्कारोसे के पास गोते लगा रही थी. जबकि फ्रांसीसी फ्रिगेट युद्धपोत एक्वीटेन क्विम्पर के पास समंदर में तैनात था. दोनों ने एकसाथ दक्षिण-पश्चिम फ्रांस की मिलिट्री साइट पर बनाए गए टारगेट को क्रूज मिसाइल से निशाना बनाते हैं. दोनों एकसाथ मिसाइल दागते हैं.
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दोनों की मिसाइलों ने एकसाथ टारगेट को हिट किया. फ्रांस के इस नए मिसाइल परीक्षण से दुनियाभर में हलचल मच गई. इस तरह के हमले से दुनिया के सबसे ताकतवर एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट किया जा सकता है. इसमें जिस मिसाइल का इस्तेमाल किया गया, उसका नाम है MdCN यानी Missile de Croisière Naval.
क्या है MdCN मिसाइल की ताकत?
यह मिसाइल फ्रांस में ही बनी है. फ्रांस ने इसके तीन वैरिएंट बना रखे हैं. पहला क्रूज मिसाइल. दूसरे लैंड अटैक मिसाइल और तीसरा सबमरीन लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल. एक मिसाइल का वजन 1400 किलोग्राम होता है. 21.4 फीट लंबी मिसाइल का व्यास 20 इंच है. युद्धपोत से लॉन्च की जाने वाली मिसाइल की रेंज 1400 किलोमीटर है.
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कितनी है मिसाइल की रेंज और स्पीड?
पनडुब्बी से लॉन्च की जाने वाली मिसाइल की रेंज 1000 किलोमीटर है. इन दोनों ही तरह की मिसाइलों पर 300 किलोग्राम वजन का मल्टीपरपज HE वॉरहेड लगाया जाता है. यह मिसाइल 800 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दुश्मन टारगेट की तरफ बढ़ती है. अगर दो मिसाइलों को अलग-अलग जगहों से एकसाथ लॉन्च किया जाए तो इनका इंटरसेप्शन मुश्किल है.
आजकल क्यों जरूरी है इस तरह के हमले?
फ्रांस ने अपनी एक ही मिसाइल का सिंक्रोनाइज्ड डबल शॉट दागा. यह एक तरह का डबल पंच है. जो दुश्मन की धज्जियां उड़ा सकता है. इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज लंदन के नेवल फोर्सेस एंड मैरीटाइम सिक्योरिटी में सीनियर फेलो निक चाइल्ड्स कहते हैं कि यह दो मिसाइलों का कॉर्डिनेटेड हमला है. यह बड़े स्तर का डेवलपमेंट हैं. इसकी वजह से फ्रांस की ताकत में कई गुना का इजाफा हो जाएगा.
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एकसाथ कई तरफ से हमला एयर डिफेंस सिस्टम को करता है कन्फ्यूज
निक चाइल्ड्स ने कहा कि जब भी दो अलग-अलग प्लेटफॉर्म से एक तरह की क्रूज मिसाइल को दुश्मन एयर डिफेंस सिस्टम की तरफ दागा जाता है, तो उसके लिए इनकी पहचान करना थोड़ा मुश्किल होता है. अगर एकसाथ कई मिसाइलें दागी जाती हैं, तो किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम के लिए उन्हें रोकना कठिन होता है.
फ्रांस की MdCN मिसाइल असल में अमेरिका के टोमाहॉक मिसाइल की तरह बनाई गई है. इसे एमबीडीए ने बनाया है. 2017 से नौसेना में यह मिसाइल तैनात है. पहली बार इसका इस्तेमाल फ्रांस ने सीरिया में 2018 में किया था. अमेरिका अपने युद्धपोतों से कई बार इस तरह के सिंक्रोनाइज्ड मिसाइल फायरिंग कर चुका है.