
बांग्लादेश के अंदर इस वक्त जिस तरीके के हालात बने हुए हैं. इसका फायदा स्मगलर और तस्कर भी बड़ी मात्रा में उठा रहे हैं. हाल फिलहाल में सोने और चांदी की तस्करी भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर भारी मात्रा में बढ़ी है. BSF से मिले आंकड़ों के मुताबिक इस साल 31 अक्टूबर तक 172.528 किलो सोना और करीब 178 kg चांदी मात्र 10 महीने में बरामद हुई है.
बाजार की दोनों की कीमत लगभग 1300 करोड़ रुपए के आसपास है. बांग्लादेश में 5 अगस्त 2024 के बाद जिस तरीके की राजनीतिक अस्थिरता हुई. अंतरिम सरकार बनी. इसका फायदा स्मगलर भी उठा रहे हैं. हालांकि बीएसएफ की चौकसी के चलते लगातार अलग-अलग स्थान से सोने-चांदी के तस्कर पकड़े जा रहे हैं.
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सीमा पर 11,886 किलो ड्रग्स भी पकड़ा गया
बीएसएफ भारत बांग्लादेश बॉर्डर पर 11,866 किलो के आसपास ड्रग्स भी जब्त किए हैं. 3265700 की नकली करेंसी भी बॉर्डर से बरामद की गई है. ड्रग्स, सोना-चांदी और फेक करेंसी की स्मगलिंग के लिए बीएसएफ ने 4168 लोगों को पकड़ा है.
पिछले साल BSF ने करीब 163 किलो सोना बरामद किया था. इस साल सोने की तस्करी बढ़ी है. बांग्लादेश में जिस तरीके के हालात बने हुए हैं इससे वहां पर लोगों में बेरोजगारी है. स्मगलरों की संख्या में भी इजाफा हुआ है. अगर स्थिति ठीक नहीं हुई तो सोने-चांदी की तस्करी में और ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है.