
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे. प्रबोवो सुबिआंतो की भारत यात्रा के दौरान भारत इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस डील फाइनल हो सकती है.
सूत्रों के अनुसार, इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय ने 450 मिलियन डॉलर के ब्रह्मोस मिसाइल सौदे के संबंध में जकार्ता में भारतीय दूतावास को एक आधिकारिक संदेश भेजा है. जिसके बाद ये कयास लगाए जा रहे हैं कि इंडोनेशियाई राष्ट्रपति की नई दिल्ली यात्रा के दौरान इस पर अंतिम मुहर लगेगी.
भारत इस सौदे को इंडोनेशिया के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक और अन्य भारतीय राष्ट्रीय बैंकों के माध्यम से इंडोनेशिया को ऋण देने की बात कर रहा है. ऐसा कहा जा रहा है कि ऋण की प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने के लिए चर्चा चल रही है.
भारत को एक नई पहचान मिलेगी
इंडोनेशिया के साथ अगर ये सौदा होता है, तो उससे भारत को वैश्विक रक्षा निर्यात बाजार में एक नई पहचान मिलेगी. इससे पहले भारत ने फिलीपींस के साथ ऐतिहासिक रक्षा समझौता अप्रैल 2023 में किया था. फिलीपींस के साथ 375 मिलियन डॉलर के सौदे में 290 किलोमीटर की रेंज और 2.8 मैक की गति वाली तीन मिसाइल शामिल थीं. जिससे फिलीपींस की रक्षा क्षमता में इजाफा हुआ.
दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे
ब्रह्मोस मिसाइल का सौदा भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा. इंडोनेशियाई राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान अगर ये डील हो जाती है, तो ये दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा.
साथ ही रक्षा व्यापार में भारत के लिए एक नया मानक भी स्थापित करेगा. इसके अलावा इस डील से प्रौद्योगिकी निर्यात के रूप में भारत की स्थिति Indo-Pacific क्षेत्र में और मजबूत होगी. बता दें कि इंडोनेशिया जनवरी 2024 में ब्रिक्स में शामिल हुआ था.