Advertisement

भारतीय सेना खरीदेगी 220 एंटी-एयरक्राफ्ट गन, दुश्मन के ड्रोन और हवाई हमलों पर होगा करारा प्रहार

भारत ने 1990 के दशक के बाद से कोई नई एंटी-एयरक्राफ्ट गन नहीं खरीदी है. बल्कि मौजूदा सिस्टम को अपग्रेड किया गया है, लेकिन वे अब पुराने हो चुके हैं. नई गन भारतीय निर्माताओं से ही ली जाएंगी.

 भारतीय सेना पुराने एयर डिफेंस सिस्टम को अपग्रेड करेगी (फाइल फोटो) भारतीय सेना पुराने एयर डिफेंस सिस्टम को अपग्रेड करेगी (फाइल फोटो)
शिवानी शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 2:59 AM IST

भारतीय सेना अपनी वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए 220 नई एंटी-एयरक्राफ्ट गन खरीदने की प्लानिंग कर रही है. ये निर्णय बदलते हवाई खतरों, विशेष रूप से ड्रोन और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों से निपटने के लिए लिया गया है, जो पारंपरिक रक्षा प्रणालियों के लिए चुनौती बन रहे हैं.

भारत ने 1990 के दशक के बाद से कोई नई एंटी-एयरक्राफ्ट गन नहीं खरीदी है. बल्कि मौजूदा सिस्टम को अपग्रेड किया गया है, लेकिन वे अब पुराने हो चुके हैं. नई गन भारतीय निर्माताओं से ही ली जाएंगी. 

Advertisement

एयर डिफेंस के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल सुमेर इवान डी'कुन्हा ने बताया कि इनकी ट्रायल प्रक्रिया जुलाई में शुरू होगी. दो घरेलू कंपनियां प्रतिस्पर्धा करेंगी, जो हाईटेक गन सिस्टम और स्मार्ट गोला-बारूद की पेशकश करेंगी. उन्होंने ये भी कहा कि खरीद की इस प्रक्रिया में कोई आयात नहीं किया जाएगा और ये हथियार पुराने L-70 और Zu-23 गन की जगह लेंगे.

स्वीडन से खरीदी गई थीं L-70 गन 

L-70 गन 1971 के बांग्लादेश युद्ध के बाद स्वीडन से खरीदी गई थीं. .ये प्रति मिनट 300 राउंड फायर कर सकती हैं. 1,000 मीटर प्रति सेकंड की गति से गोले छोड़ती हैं. इनकी मारक क्षमता 3-4 किमी है. इन्हें अपग्रेड कर हाई-रेजोल्यूशन सेंसर, कैमरे और रडार से लैस किया गया है, जिससे ये दिन और रात में भी प्रभावी हैं. सेना के पास 36 यूनिट हैं, जिनमें से प्रत्येक में 20 गन हैं.

Advertisement

एक मिनट 2 हजार राउंड फायर करती है Zu-23 गन 

Zu-23 गन- भारत ने 1980 के दशक में रूस से खरीदी थीं. डबल बैरल वाली ये गन प्रति मिनट 1,600-2,000 राउंड फायर कर सकती हैं. इनकी मारक क्षमता 2 से 2.5 किमी तक है. सेना के पास 15 यूनिट हैं, जिनमें प्रत्येक में 16 से 32 गन हैं. वर्तमान में ये उपयोग में हैं, लेकिन इन्हें आधुनिक हथियारों से बदला जाएगा.

आधुनिक गोला-बारूद पर भी रहेगा फोकस

भारतीय सेना केवल नई गन ही नहीं, बल्कि आधुनिक गोला-बारूद भी खरीदने की योजना बना रही है. इस कदम का उद्देश्य उभरते हवाई खतरों से निपटने के लिए वायु रक्षा प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना है. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement