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Pinaka Rocket System: सेना को मिलेंगे 6400 Pinaka Rockets, दुश्मन पर हर सेकेंड बरसेगी मौत... देखिए Video

भारतीय थल सेना (Indian Army) को जल्द ही 6400 रॉकेट्स मिलेंगे. ये रॉकेट्स Pinaka मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम में इस्तेमाल किए जाएंगे. ये रॉकेट लॉन्चर्स देश को हवाई कवच और सीमाओं पर दुश्मन से सुरक्षा प्रदान करते हैं. इस रॉकेट सिस्टम की गति ही इसे सबसे ज्यादा खतरनाक बनाती है.

ये है Pinaka Rocket System की टेस्टिंग की फाइल फोटो. (फोटोः DRDO) ये है Pinaka Rocket System की टेस्टिंग की फाइल फोटो. (फोटोः DRDO)
मंजीत नेगी/ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 14 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 2:05 PM IST

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय थल सेना की ताकत बढ़ाने के लिए 6400 पिनाका रॉकेट्स खरीदने की मंजूरी दे दी है. ये रॉकेट्स Pinaka Multi Barrel Rocket Launcher Systems - Pinaka MBRL के लिए बनाए जाएंगे. इन लॉन्चर सिस्टम को चीन और पकिस्तान की सीमा पर तैनात किया जाएगा. बताया जा रहा है कि इस डील की कीमत करीब 2600 करोड़ रुपए हैं. 

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इन रॉकेट्स को सोलार इंडस्ट्रीज और म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड मिलकर बनाएंगे. या किसी एक को इसका जिम्मा दिया जाएगा. यह रॉकेट सिस्टम पूरी तरह से स्वदेशी है. किसी भी मौसम में चलाई जा सकती है. यह कम समय में ताबड़तोड़ फायरिंग करके दुश्मन के इलाके को कब्रिस्तान में बदल देती है. 

पिनाका रॉकेट्स की गति ही इसे सबसे ज्यादा खतरनाक बनाती है. इसकी स्पीड 5757.70 km प्रतिघंटा है. यानी एक सेकेंड में 1.61 km की गति से हमला करता है. पिछले साल इसके 24 टेस्ट किए गए थे. इसके प्रमुख तौर पर दो वैरिएंट्स मौजूद हैं. तीसरा निर्माणधीन है. पहला है - पिनाका एमके-1 (एनहैंस्ड) रॉकेट सिस्टम (Pinaka Mk-1 Enhanced Rocket System). 

भगवान शिव के धनुष के नाम पर दिया गया नाम

दूसरा है पिनाका एरिया डिनायल म्यूनिशन (Pinaka Area Denial Munition - ADM) रॉकेट सिस्टम. इसका नाम भगवान शिव के धनुष 'पिनाक' के नाम पर रखा गया है. पिनाका रॉकेट सिस्टम 44 सेकेंड में 12 रॉकेट दागता है. यानी हर 4 सेकेंड में एक रॉकेट. 214 कैलिबर के इस लॉन्चर से एक के बाद एक 12 पिनाका रॉकेट दागे जा सकते हैं. 

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7 से 90 km तक की रेंज, 100 kg का वॉरहेड

इसकी रेंज 7 km के नजदीकी टारगेट से लेकर 90 km दूर बैठे दुश्मन को नेस्तानाबूत कर सकता है. पहले वैरिएंट की रेंज 45 किलोमीटर है. दूसरे वैरिएंट की 90 किलोमीटर है. तीसरे निर्माणाधीन वैरिएंट की रेंज 120 किलोमीटर होगी. इस लॉन्चर की लंबाई 16 फीट 3 इंच से लेकर 23 फीट 7 इंच तक है. इसका व्यास 8.4 इंच है.  

इस लॉन्चर से छोड़े जाने वाले पिनाका रॉकेट पर हाई एक्सप्लोसिव फ्रैगमेंटेशन, क्लस्टर बम, एंटी-पर्सनल, एंटी-टैंक और बारूदी सुरंग उड़ाने वाले हथियार लगा सकते हैं. यह रॉकेट 100 kg तक के वॉरहेड लगा सकते हैं. इस सिस्टम की शुरूआत 1986 में हुई थी.  

करगिल युद्ध में उड़ा दी PAK आतंकियों की धज्जियां

सेना के सूत्रों ने बताया कि पिनाका रेजीमेंट को सैन्य बलों की संचालन तैयारियां बढ़ाने को चीन और पाकिस्तान की सीमा के साथ तैनात किया जाएगा. बीईएमएल ऐसे वाहनों की आपूर्ति करेगी जिस पर रॉकेट लॉन्चर को रखा जाएगा. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 6 पिनाका रेजीमेंट में ‘ऑटोमेटेड गन एमिंग एंड पोजिशनिंग सिस्टम’के साथ 114 लॉन्चर, 45 कमान पोस्ट भी होंगे. रॉकेट रेजीमेंट का संचालन 2024 तक शुरू करने की योजना है. 

करगिल युद्ध के दौरान इस मिसाइल को टट्रा ट्रक पर लोड करके ऊंचाई वाले इलाकों में भेजा गया था. वहां पर इस रॉकेट ने दुश्मन के ठिकानों की धज्जियां उड़ा दी थी. सभी पाकिस्तानी दुश्मनों को पहाड़ पर बनाए अपने बंकरों को छोड़कर भागना पड़ा या फिर मारे गए. क्योंकि ये रॉकेट इतनी गति से हमला करता है कि दुश्मन को संभलने का मौका ही नहीं मिलता.   

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