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LAC पर सेना की नई तैयारी... ATV से करेंगे पेट्रोलिंग, चीन के नापाक इरादों पर रहेगी नजर

भारतीय सेना लद्दाख और सीमा से सटे ऊंचे इलाकों में पेट्रोलिंग और निगरानी के लिए ऑल टरेन व्हीकल्स (ATV) का इस्तेमाल कर रही है. ये गाड़ियां बेहद खास हैं. इनसे पेट्रोलिंग का एक खास वीडियो सेना के फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने अपने X हैंडल पर शेयर किया है. आइए जानते हैं सेना की क्या तैयारी है?

ये है भारतीय सेना का JSW ATOR. जिसकी तैनाती गुजरात के कच्छ में भी की गई है. ये है भारतीय सेना का JSW ATOR. जिसकी तैनाती गुजरात के कच्छ में भी की गई है.
शिवानी शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 11 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 1:19 PM IST

Indian Army लद्दाख के साथ लगी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर सर्दियों की तैयारी कर चुका है. बर्फीले और दुरूह इलाकों में पेट्रोलिंग और निगरानी के लिए सेना ऑल-टरेन व्हीकल्स (ATV) का इस्तेमाल करने जा रही है. जिसका एक वीडियो सेना के फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने अपने X हैंडल पर जारी किया है. जिसका वीडियो आप यहां नीचे देख सकते हैं... 

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ये ATV दुनिया के किसी भी तरह की भौगोलिक परिस्थितयों में चलने के हिसाब से बनाई गई हैं. इसमें से एक तो गुजरात के कच्छ में भी तैनात है. इन एटीवी में शामिल हैं- Polaris Sportsman, Polaris RZR और JSW-Gecko ATOR. ये किसी भी तरह की दुरुह चढ़ाई, ढलान, पथरीले रास्तों पर चढ़, चल और दौड़ सकती हैं. 

लद्दाख के पास LAC का इलाका बर्फ से ढका जंगी क्षेत्र है. यहां पर निगरानी रखने के लिए जरूरी है कि भारतीय सैनिकों के पास आधुनिक हथियार, यूनिफॉर्म, गाड़ियां और अन्य सुविधाएं हों. ये गाड़ियां कम वजन की और हाई-मोबिलिटी के अनुसार बनाई गई हैं. इनकी मैन्यूवरिंग बेहद आसान है. ये किसी भी तरह के रास्ते पर चल सकती हैं. 

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लंबे समय बाद शुरू हुई पेट्रोलिंग

देपसांग के मैदानों और देमचोक इलाके में भारत-चीन की सेनाओं के पीछे हटने के बाद इन गाड़ियों को शामिल किया गया ताकि पेट्रोलिंग तेजी से ज्यादा दूरी तक की जा सके. ये पेट्रोलिंग लंबे समय के विवाद के बाद शुरू हुई है. इसलिए ऐसी गाड़ियों की जरूरत बढ़ जाती है, जो ऐसे खतरनाक मार्गों पर सैनिकों को ले जा सकें. 

सेना ने कहा- बेहद जरूरी हैं एटीवी

इनके जरिए भारतीय सेना जरूरत पड़ने पर अपने सैनिकों को सही स्थान पर तैनात कर पाएंगे. तेजी से सर्विलांस हो सकेगा. निगरानी हो सकेगी. किसी भी तरह के मौसम में सैनिक स्ट्रैटेजिक प्वाइंट्स और अपने बेस तक पहुंच सकेंगे. सेना भी इस बात को मानती है कि इन गाड़ियों की वजह से लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के पास पेट्रोलिंग आसान हुई है. अगर किसी तरह की दिक्कत आती है तो इनकी मदद से तत्काल कहीं भी पहुंचा जा सकता है. 

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