
भारत ने दस से ज्यादा युद्धपोत अरब सागर (Arabian Sea) और अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) में उतार दिए हैं. ये तैयारी समुद्री लूटेरों को रोकने के लिए की जा रही है. साथ ही व्यापारिक जहाजों पर होने वाले ड्रोन हमलों को रोकने के लिए है. इन सभी दस जंगी जहाजों में मरीन कमांडो मौजूद हैं.
अरब सागर और अदन की खाड़ी में भारतीय नौसेना का समुद्री लुटेरों के खिलाफ मुहिम स्वतंत्र है. जबकि अमेरिका अपनी तरफ से एक अंतरराष्ट्रीय मुहिम चला रहा है. जिसका नाम है ऑपरेशन प्रॉसपैरिटी गार्जियन. ये ऑपरेशन यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में व्यापारिक और मिलिट्री जहाजों पर हमले के बाद शुरू किया गया था.
अरब सागर और अदन की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों पर सोमालियाई समुद्री लुटेरों के हमले के बाद भारतीय नौसेना ने भी एक्शन लिया है. वह लगातार अरब सागर में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही है. भारतीय नौसेना के जंगी जहाज पूरे अरब सागर में अलग-अलग जगहों पर तैनात है, ताकि लुटेरों और ड्रोन हमलों से इन जहाजों को बचाया जा सके.
लगातार उड़ान भर रहे हैं P8I विमान और सी-गार्जियन ड्रोन
भारतीय नौसेना के P8I विमानों और MQ-9B सी गार्जियन प्रीडेटर ड्रोन्स द्वारा लगातार इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रीकॉन्सेंस मिशन (ISR Missions) किए जा रहे हैं. ये दोनों लगातार अरब सागर से लाइव फीड्स, हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें मुहैया करवा रहे हैं. इस काम में उनके इलेक्ट्रो-ऑप्टिक और एडवांस सेंसर्स काम कर रहे हैं.
स्टेल्थ मिसाइल डेस्ट्रायर्स और मल्टीरोल जंगी जहाज तैनात
जो जंगी जहाज अरब सागर में तैनात हैं- उनमें INS Kolkata, INS Kochi, INS Chennai और INS Mormugao जैसे स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर्स शामिल हैं. इसके अलावा मल्टीरोल फ्रिगेट INS Talwar और INS Tarkash भी तैनात किए गए हैं. इसके अलावा कोस्ट गार्ड के जहाज भी नौसेना के साथ गश्ती में मदद कर रहे हैं.
नौसेना ने दी है लुटेरों और ड्रोन हमला करने वालों को चेतावनी
हाल ही में INS Chennai पर गए मार्कोस कमांडो (Marcos Commandos) ने MV Lila Norfolk से 21 बंधकों को समुद्री लुटेरों से छुड़ाया था. जिसमें 15 भारतीय थे. बाकी फिलिपींस के नाविक थे. नौसेना ने चेतावनी दी है कि हमारे युद्धपोतों में हर तरह के हमलों को जवाब देने की काबिलियत है. इनमें कई प्रकार के गन हैं.
खास तरह के जैमर लगे हैं. इसके अलावा कम से लेकर मध्यम दूरी तक की खतरनाक एयर डिफेंस मिसाइलें भी हैं. अगर समुद्री लुटेरे और ड्रोन हमले करने वाले भारतीय नौसेना को कमजोर आंकते हैं, तो वो सतर्क हो जाएं. उनकी एक भी गलत हरकत उनके लिए मौत का रास्ता खोल सकती है.