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INS Tushil और INS Tamala... रूस में तैयार हो रहे हैं भारत के दो युद्धपोत, जानिए इनकी ताकत

Indian Navy के दो जंगी जहाज रूस में बन रहे हैं. इनका नाम है INS Tushil और INS Tamala. ये दोनों साल 2025 तक नौसेना को मिल जाएंगे. संभावना है कि इनमें से एक इस साल के अंत तक भारतीय नौसेना को दे दिया जाए. दोनों ही तलवार क्लास फ्रिगेट के युद्धपोत हैं. आइए जानते हैं इनके आने से कितनी बढ़ जाएगी नौसेना की ताकत...

ये है भारतीय नौसेना का नया जंगी जहाज आईएनएस तुशील. (सभी फोटोः Indian Navy) ये है भारतीय नौसेना का नया जंगी जहाज आईएनएस तुशील. (सभी फोटोः Indian Navy)
ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 08 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 1:09 PM IST

भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत इस समय रूस के यांतर शिपयार्ड में बनाए जा रहे हैं. ये दोनों जंगी जहाज तलवार क्लास स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट (Talwar Class Stealth Guided Missile Frigate) का हिस्सा हैं. इनका नाम है आईएनएस तुशील (INS Tushil) और आईएनएस तमाला (INS Tamala). 

अब तक इस तलवार क्लास के 7 जंगी जहाज बन चुके हैं. 6 एक्टिव हैं. चार नए जंगी जहाज बनाए जा रहे हैं. दो रूस में और दो भारत में बनेंगे. तैनात हैं अलग-अलग जगहों पर. इन जंगी जहाजों का समंदर में डिस्प्लेसमेंट 3850 टन होता है. इनकी लंबाई 409.5 फीट, बीम 49.10 फीट और ड्रॉट 13.9 फीट है. 

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ये जंगी जहाज समंदर में अधिकतम 59 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलते हैं. अगर इनकी गति को 26 किलोमीटर प्रतिघंटा किया जाएगा तो ये 4850 किलोमीटर की रेंज कवर कर सकते हैं. अगर 56 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाया जाए तो ये 2600 किलोमीटर की रेंज कवर करते हैं. 

यह जंगी जहाज 18 अधिकारियों समेत 180 सैनिकों को लेकर 30 दिन तक समंदर में तैनात रह सकता है. उसके बाद इसमें रसद और ईंधन डलवाना पड़ता है. ये जंगी जहाज इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम से लैस हैं. साथ ही 4 केटी-216 डिकॉय लॉन्चर्स लगे हैं. इसके अलावा इसमें 24 Shtil-1 मीडियम रेंज की मिसाइलें तैनात हैं. 

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8 इगला-1ई, 8 वर्टिकल लॉन्च एंटी-शिप मिसाइल क्लब, 8 वर्टिकल लॉन्च एंटी-शिप और लैंड अटैक ब्रह्मोस मिसाइल भी तैनात है. इसमें एक 100 मिलिमीटर की A-190E नेवल गन लगी है. इसके अलावा एक 76 mm की ओटो मेलारा नेवल गन लगी है. 2 AK-630 सीआईडब्लूएस और 2 काश्तान सीआईडब्लूएस गन लगी हैं.

इन खतरनाक बंदूकों के अलावा दो 533 मिलिमीटर की टॉरपीडो ट्यूब्स हैं. और एक रॉकेट लॉन्चर भी तैनात की गई है. इस जंगी जहाज पर एक कामोव-28 या एक कामोव-31 या ध्रुव हेलिकॉप्टर लैस हो सकता है. 

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