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लंबी दूरी के रॉकेट लॉन्चर के मामले में भारत से 4 गुना आगे चीन, जानिए देश की क्षमता

भारत का रक्षा बजट बढ़ा है. स्वदेशी हथियार भी खूब बन रहे हैं. बिक रहे हैं. फिर भी लंबी दूरी के रॉकेट लॉन्चर सिस्टम में चीन और पाकिस्तान से पीछे हैं. खासतौर से MLRS के मामले में. अभी हमारे यहां 300 किलोमीटर रेंज के रॉकेट डेवलप हो रहे हैं, वहां चीन के पास लंबी दूरी के 450 से ज्यादा MLRS हैं.

ये है स्मर्च मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम, इसका इस्तेमाल भारतीय सेना करती है. ये है स्मर्च मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम, इसका इस्तेमाल भारतीय सेना करती है.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 2:26 PM IST

पूरी दुनिया को पता है कि भारत के सबसे बड़े दुश्मन देश पाकिस्तान और चीन हैं. भारत लगातार अपने रक्षा उद्योग और उत्पादन को बढ़ा रहा है. भारत के पास अच्छे खासे हथियार भी हैं. लेकिन यूक्रेन-रूस, इजरायल-फिलिस्तीन-हिजबुल्लाह-ईरान की लड़ाई देखकर लगता है कि लंबी दूरी के मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) बहुत जरूरी हैं. 

भारत के पास जितने भी MLRS हैं. वो फिलहाल चीन से कम पड़ते हैं. उसमें पाकिस्तान जुड़ जाए तो भारत इस मामले में काफी पीछे नजर आता है. अगर भारत की लंबी दूरी के रॉकेट सिस्टम की बात करें तो हमारे पास सिर्फ स्मर्च और पिनाका ही हैं. स्मर्च की रेंज 90 किलोमीटर है. पिनाका की 45 से 90 किलोमीटर. 

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भारतीय सेना का पिनाका मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम. 

जरूरत है 300 किलोमीटर रेंज वाले MLRS की. पिनाका MK-3 ER इस रेंज का होगा लेकिन अभी यह अंडर डेवलपमेंट हैं. 120 किलोमीटर रेंज की एमके-3 ही अभी अंडर डेवलपमेंट हैं. कुछ वैरिएंट्स की टेस्टिंग हो रही है-  जैसे पिनाका ईआरआर 122, एमके-2 ईआर. 

कितने MLRS किसके पास...

भारतीय सेना के पास 162 MLRS है. यानी कुल मिलाकर 8 रेजीमेंट. इनकी रेंज अधिकतम 75 किलोमीटर होगी. 100 से 300 किलोमीटर रेंज वाले MLRS अभी टेस्टिंग फेज में या अंडर डेवलपमेंट कंडिशन में हैं. जबकि चार रेजीमेंट यानी 80 MLRS अंडर डेवलपमेंट हैं. वहीं, चीन की सेना के पास वेस्टर्न कमांड में 300 किलोमीटर रेंज वाली 144 MLRS है. पाकिस्तान के पास 80 से ज्यादा MLRS हैं. 

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चीन का PHL-03 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम. 

दिक्कत क्या होगी और कैसे? 

अगर चीन और पाकिस्तान एक साथ हमला करते हैं, या अलग-अलग भी. तो मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम से हराना तो मुश्किल होगा. क्योंकि भारत के पास रेंज नहीं है. कम दूरी के रॉकेट लॉन्चर सिस्टम हैं. इससे सेना बंध जाती है. खुलकर और सुरक्षित रहकर हमला करना मुश्किल होता है. आप दुश्मन पर दूर से हमला नहीं कर सकते.

किसके पास कुल कितने MLRS

ग्लोबल फायर पावर के मुताबिक चीन के पास हर रेंज की कुल मिलाकर 3180 MLRS हैं. जिनमें से 2544 को तैनात किया गया है एक्टिव ड्यूटी पर.  जबकि पाकिस्तान के पास 602 हैं, जिसमें से 421 एक्टिव हैं. भारत के पास कुल 702 MLRS हैं, जिनमें से 527 इस समय सीमाओं की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं. 

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भारत के पास लंबी दूरी के दो MLRS हैं... 

BM-30 Smerch

बीएम-30 स्मर्च में 12 बैरल होते हैं. यह रॉकेट 39.4 फीट लंबा होता है. यह 300 मिलीमीटर कैलिबर का होता है. इसकी अधिकतम रेंज 90 km है. यह भी ट्रक पर लगाए गए लॉन्चर से दागी जाती है. इसमें क्लस्टर म्यूनिशन, एंटी-पर्सनल, एंटी-टैंक, हीट, थर्मोबेरिक वॉरहेड्स लगाए जा सकते हैं. भारत के पास ऐसे कुल मिलाकर 372 लॉन्चर्स हैं. 

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Pinaka MBRL

पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है. इसकी रेंज 37 से 75 किलोमीटर है. हर साल भारत में ऐसे 5000 रॉकेट बनाए जाते हैं. इसके 8 वैरिएंट्स हैं. जिनमें से चार ड्यूटी पर तैनात हैं. दो की टेस्टिंग चल रही है. दो अंडर डेवलपमेंट हैं. 

टेस्टिंग फेज में शामिल ERR 122 की रेंज 40 किलोमीटर है. इसके अलावा एमके-2 ईआर की रेंज 90 किलोमीटर है. जबकि एमके-3 और एमके-3 ईआर अभी डेवलपमेंट फेज में हैं. इनकी रेंज 120 और 300 किलोमीटर होगी. इसमें 12 बैरल होते हैं. यानी इतने रॉकेट दागे जा सकते हैं.

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