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ईरान-इजरायल तनाव... अमेरिका ने मिडिल ईस्ट भेजा एयरक्राफ्ट कैरियर, परमाणु पनडुब्बी और जंगी जहाजों का जखीरा

अमेरिका को आशंका है कि 12 अगस्त को अंधेरा होने के बाद इजरायल पर ईरान ताकतवर हमला करेगा. इसलिए उसने अपने यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप औऱ गाइडेड मिसाइल सबमरीन यूएसएस जॉर्जिया को मेडिटेरेनियन सागर में भेज दिया है. ये दोनों ही फुल स्पीड में उस दिशा में जा रहे हैं. ताकि इजरायल को बचा सकें.

अमेरिका का तीसरा कैरियर स्ट्राइक ग्रुप जो अब भूमध्यसागर की ओर बढ़ रहा है. (फोटोः यूएस नेवी) अमेरिका का तीसरा कैरियर स्ट्राइक ग्रुप जो अब भूमध्यसागर की ओर बढ़ रहा है. (फोटोः यूएस नेवी)
ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 12 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 11:07 AM IST

12 अगस्त 2024 को येरूसलम में यहूदी मंदिर के टूटने की वर्षगांठ है. इसे हीब्रू में Tisha B'Av कहते हैं. अमेरिका को आशंका है कि इसी दिन अंधेरा होने के बाद ईरान अपनी पूरी ताकत के साथ इजरायल पर हमला करेगा. इसलिए अपने दोस्त की मदद के लिए अमेरिका ने USS Abraham Lincoln कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और गाइडेड मिसाइल न्यूक्लियर सबमरीन USS Georgia को भूमध्यसागर की ओर रवाना कर दिया है. 

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अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी जनरल लॉयड ऑस्टिन ने एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन, तीसरे कैरियर स्ट्राइक ग्रुप गुआम से भूमध्यसागर की ओर तेजी से रवान होने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा उन्होंने ओहायो क्लास गाइडेड मिसाइल सबमरीन यूएसएस जॉर्जिया को भूमध्यसागर की ओर भेजा है. इस सबमरीन में 150 से ज्यादा टोमाहॉक लैंड अटैक क्रूज मिसाइल लगी हुई है. अब ये सब अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अंदर काम करेंगी. 

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इस पूरे तामझाम का मकसद सिर्फ इतना है कि अमेरिका किसी भी तरह से ईरान, इराक, जॉर्डन, सऊदी अरब, लेबनान, यमन और ईरान के अन्य समर्थक देशों की तरफ से दागी गई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर सकें. जरूरत पड़ने पर जवाबी हमला या स्ट्राइक कर सके. आइए जानते हैं कि एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन, तीसरे कैरियर स्ट्राइक ग्रुप औऱ जॉर्जिया पनडुब्बी में कितनी ताकत है... 

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यूएसएस अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर ... 

11 नवंबर 1989 से अमेरिकी नौसेना में काम कर रहा है. सैन डिएगा के नॉर्थ आइलैंड के नौसैनिक एयर स्टेशन पर तैनाती रहती है. यह एक निमित्ज क्लास का एयरक्राफ्ट कैरियर है. जिसे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति का नाम मिला है. यह तीसरे कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का प्रमुख युद्धपोत है. 1.04 लाख टन इसका डिस्प्लेसमेंट है. 

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1092 फीट लंबे इस जहाज की बीम 252 फीट है. इसमें दो परमाणु रिएक्टर्स, 4 स्टीम इंजन और 4 शाफ्ट लगे हैं. अधिकतम स्पीड 56 km/hr है. रेंज असीमित है. यह लगातार 20 से 25 साल पानी के अंदर रह सकता है. इस जहाज पर 3200 नौसैनिक और 2480 वायु सैनिक रह सकते हैं. ये जरूरत के हिसाब से कम ज्यादा होते रहते हैं. 

इसमें 14 तरह के अत्याधुनिक राडार और सेंसर्स लगे हैं. जो निगरानी, जासूसी, खोजबीन, हमले से बचाव, दुश्मन की लोकेशन आदि की जानकारी देते हैं. इसके अलावा एक काउंटरमेजर सुईट और एक टॉरपीडो काउंटरमेजर लगा है. इसपर 2 सी-स्पैरो एंटी-शिप, एंटी-एयरक्राफ्ट और एंटी-मिसाइल वेपन सिस्टम लगा है.

इसके अलावा 2 RIM 116 रोलिंग एयरफ्रेम मिसाइलें लगी हैं, जो छोटी, हल्की, इंफ्रारेड होमिंग सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइले हैं. इसके अलावा 2 फैलैंक्स CIWS गन सिस्टम लगा है, जो दुश्मन के हेलिकॉप्टर, विमान, मिसाइल, बोट, फाइटर जेट को खोज-खोजकर उनपर ऑटोमैटिकली हमला करता रहता है. 

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 इस जहाज पर 90 फिक्स विंग फाइटर जेट्स और हेलिकॉप्टर्स तैनात हो सकते हैं. फिलहाल इसके ऊपर F/A-18E Super Hornet, F-35C Lightning-2, EA-18G Growler फाइटर जेट्स, E-2D Hawkeye अवाक्स एयरक्राफ्ट, MH-60S Seahawk और MH-60R Sehawk हेलिकॉप्टर्स तैनात हैं. 

यूएसएस जॉर्जिया गाइडेड मिसाइल सबमरीन

अमेरिका की ओहायो क्लास पनडुब्बी, जिसे किसी राज्य का नाम दिया गया है. ऐसी ये दूसरी सबमरीन है. यह सबमरीन 11 फरवरी 1984 से अमेरिकी नौसेना में काम कर रही है. इसका डिस्प्लेसमेंट 19,050 टन है. 560 फीट लंबी सबमरीन का बीम 42 फीट का है. ड्राफ्ट 38 फीट का है. इसमें एक न्यूक्लियर रिएक्टर इंजन लगा है. 

दो गीयर्ड टर्बाइन, एक ऑक्सिलरी मोटर और एक शाफ्ट है, जो इसे पानी के अंदर और ऊपर चलने की ताकत देते हैं. यह अधिकतम 46 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती है. अधिकतम 800 फीट की गहराई तक जा सकती है. इसके अंदर 15 अधिकारी और 140 नौसैनिक तैनात रहते हैं. इसमें 21 इंच के चार टॉरपीडो ट्यूब्स हैं.  इसके अलावा 154 बीजीएम-109 टोमाहॉक मिसाइलें तैनात हैं. ये मिसाइलें किसी भी मौसम में दागी जा सकती हैं. यानी अमेरिका जब चाहे ईरान के मंसूबों पर पानी फेर सकता है. 

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तीसरा कैरियर स्ट्राइक ग्रुप... ढेरों जंगी जहाज

कैरियर स्ट्राइक ग्रुप वो होता है जिसमें प्रमुख युद्धपोत एक एयरक्राफ्ट कैरियर होता है. इसका प्रमुख जंगी जहाज USS अब्राहम लिंकन है. यह अमेरिकी नौसेना का तीसरा फ्लीट है. साल 2004 से अब तक एक्टिव. इसका मकसद होता है एयरक्राफ्ट कैरियर की सुरक्षा साथ ही समंदर के रास्ते किसी भी दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देना. 

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इस कैरियर ग्रुप के साथ मौजूद फाइटर जेट्स में एफ-18 सुपर हॉर्नेट, एफ-35 सी लाइटनिंग, एमएच-60आर सीहॉक, एमएच-60एस नाइटहॉक हेलिकॉप्टर होते हैं. इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के लिए ईए-18जी ग्राउलर विमान, निगरानी के लिए ई-2डी हॉकआई और ट्रांसपोर्ट के लिए ग्रुम्मन सी-2 ग्रेहाउंड विमान होता है. 

अब जानिए इसमें कितने जंगी जहाज होते हैं... 

इसमें पांच गाइडेड मिसाइल क्रूजर हैं, यानी ऐसे छोटे जंगी जहाज जो तेज स्पीड से आगे बढ़कर मिसाइलों की बरसात कर सकते हैं. ये हैं- यूएसएस शिलोह, यूएसएस प्रिंसटन, यूएसएस टेक्सास, यूएसएस कैलिफोर्निया और यूएसएस स्टेरेट. इसके अलावा इसमें डेस्ट्रॉयर स्क्वॉड्रन 21 है. इसमें छह विध्वंसक जंगी जहाज हैं.

ये विध्वंसक जंगी जहाज हैं- यूएसएस फिट्जगेराल्ड, यूएसएस जॉन पॉल जोन्स, यूएसएस इंगरसोल, यूएसएस जॉन यंग, यूएसएस इंग्राहम और यूएसएस गैरी. इन सभी में भी सैकड़ों मिसाइलें होती हैं, जो दुश्मन की धज्जियां उड़ा सकती हैं. इसके अलावा इसमें कैरियर एयर विंग 11 अटैच है. यानी अलग-अलग तरह के जंगी यंत्रों, विमानों, निगरानी करने वाला समूह. 

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इसमें फाइटर स्क्वॉड्रन 213, 114, स्ट्राइक फाइटर स्क्वॉड्रन 94:F/A-18C, स्ट्राइक फाइटर स्क्वॉड्रन 22, अटैक स्क्वॉड्रन 95: A-6E, KA-6D और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर स्क्वॉड्रन 135. इसके अलावा इसमें एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग स्क्वॉड्रन 117, सी कंट्रोल स्क्वॉड्रन एस-3बी और हेलिकॉप्टर एंटी-सबमरीन स्क्वॉड्रन 6 है. 

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