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100 एयरक्राफ्ट, मिसाइलें, 2000 KM दूर अटैक... ईरान में इजरायली एक्शन की ये थी पूरी प्लानिंग

2000 km की दूरी पूरी करके दुश्मन के इलाके में घुस कर उसके मजबूत मिलिट्री ढांचों को उड़ाने का माद्दा इजरायल रखता है. तभी तो उसने एक साथ 100 से ज्यादा फाइटर जेट उड़ाए और उसके बाद ईरान के मिलिट्री टारगेट्स पर प्रेसिशन स्ट्राइक किया. यानी अब जंग नए मोड़ पर जाएगी. जानिए इजरायल की पूरी तैयारी...

ये है इजरायली वायुसेना का F-35 Lightning 2 'Adir' एयरक्राफ्ट जिससे उसने ईरान और सीरिया में हमले किए. (फोटोः इजरायली वायु सेना) ये है इजरायली वायुसेना का F-35 Lightning 2 'Adir' एयरक्राफ्ट जिससे उसने ईरान और सीरिया में हमले किए. (फोटोः इजरायली वायु सेना)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 28 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 11:39 AM IST

इजरायल ने अपनी जगह से 2000 किलोमीटर दूर ईरान में घुसकर हमला किया. अपने लेटेस्ट F-35, F-15C/D Eagle और F-16I Sufa फाइटर जेट से प्रेसिशन स्ट्राइक किए गए. टारगेट ईरान के मिलिट्री ढांचे थे. यानी हथियार डिपो, कम्यूनिकेशन सेंटर, मिलिट्री कमांड और राडार सेंटर्स. राडार सेंटर्स को उड़ाने के बाद अब ईरान एक तरह से अंधा हो गया है. 

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वह आसमान से आने वाले खतरों को भाप नहीं पाएगा. जिसका फायदा इजरायल को अगले हमले में भी मिल सकता है. ऐसे हमले सीरिया में मौजूद ईरानी राडार पर भी किए गए. इसके बाद तेहरान और करज में एयरस्ट्राइक हुए. इजरायल ने एकसाथ 100 से ज्यादा फाइटर जेट्स उड़ाए थे. इस हमले के बाद अब इजरायल भी सतर्क है. 

ईरान और उसके आतंकी संगठन हमले के बदले फिर से हमला कर सकते हैं. इसलिए इजरायल अलर्ट मोड पर है. खैर अब समझते हैं इजरायल ने कैसे की इस हमले की पूरी प्लानिंग... 

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हमले का मेन फोकस तेहरान और करज शहर

इजरायल ने अपने अलग-अलग बेस से 100 से ज्यादा फाइटर जेट्स उड़ाए. जिसमें एडवांस F-35 Lightning 2 स्टेल्थ फाइटर जेट भी शामिल है. इसे आसानी से राडार पर देखा नहीं जा सकता. इजरायल ने 'Adir' बुलाता है. हमले का मेन फोकस तेहरान और करज शहर था. यहीं के मिलिट्री इंस्टॉलेशन टारगेट पर थे. 

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पहला टारगेट था राडार और एयर डिफेंस सिस्टम

इजरायल से इन शहरों की दूरी करीब 2000 किलोमीटर थी. इजरायल का हमला सीधे तौर पर राडार और एयर डिफेंस सिस्टम को उड़ाना था. इजरायल ने वो किया भी. यह एक बेहतरीन समन्वय वाला हमला था. जिसमें सीरिया और ईरान के राडार और एयर डिफेंस सिस्टम को लयबद्ध तरीके से इजरायल ने उड़ा दिया. 

रीफ्यूलिंग विमान और रेस्क्यू टीमें भी थीं तैयार

इस दौरान इजरायल ने अपने रीफ्यूलिंग विमानों और 669 रेस्क्यू यूनिट्स को भी हाई-अलर्ट मोड पर तैयार रखा था. ताकि उनके सैनिकों या फाइटर जेट्स को जरूरत हो तो तुरंत ईंधन की सप्लाई हो सके. अगर कोई हादसा हो तो रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच कर सैनिकों को निकाल सके. 

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कमांड सेंटर में रक्षामंत्री गैलेंट खुद देख रहे थे ऑपरेशन

इजरायल के रक्षामंत्री योआव गैलेंट और चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल हर्जी हालेवी खुद इस पूरे ऑपरेशन को लीड कर रहे थे. दोनों तेल अवीव के किरया बेस पर मौजूद थे. वहीं से पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग हो कर रहे थे. इजरायली डिफेंस फोर्सेस के प्रवक्ता रीयर एडमिरल डैनियल हगारी ने कहा कि इजरायली फोर्स बचाव और हमले दोनों के लिए पूरी तरह से तैयार है. हम ईरान, ईराक, यमन, सीरिया और लेबनान सब पर कड़ी नजर रख रहे हैं. 

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