
इजरायल सेना ने आधिकारिक तौर पर यह मान लिया है कि वह भारी मात्रा हमास आतंकियों की सुरंगों में पानी भर रहा है. गाजा में मौजूद 800 से ज्यादा सुरंगों में पानी भरने की तैयारी इजरायली सेना कई हफ्तों से कर रही थी. लेकिन इसे लेकर चुप्पी साध रखी थी. इजरायल इन सुरंगों में समंदर का नमकीन पानी भर रहा है. जिसके लिए बड़े पंप लगाए गए हैं.
इसे लेकर पहला खुलासा अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने किया था. जिसमें एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया था कि इजरायली सेना ने पांच बड़े पंप भूमध्य सागर के पास लगाए हैं. इनसे सभी सुरंगों में समुद्री पानी भरा जाएगा. ये पंप अल-शाती रेफ्यूजी कैंप के उत्तर में लगाए थे. उनसे करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी पाइप बिछाई गई हैं.
हर पंप के पास हजारों क्यूबिक मीटर पानी हर घंटे खींचने की ताकत है. गाजा में मौजूद सुरंगों से हमास आतंकी गोरिल्ला युद्ध करते थे. उस समय इजरायल ने इस प्रोजेक्ट पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया था. गाजा में पानी की कमी थी, इसलिए यह सवाल उठ रहा था कि कहीं ये प्रोजेक्ट गाजा के लोगों को पानी सप्लाई करने की हो.
सुरंगों में पानी भरने से जमीन धंसने का खतरा भी है
अमेरिकी अखबार ने कहा था कि सुरंगों में पानी भरने से पहले उनकी छानबीन की जाएगी. ताकि बंधकों को मुक्त कराया जाए. उसके बाद ही उनमें पानी भरा जाएगा. उस समय यह भी संशय जारी किया गया था कि क्या ये सुरंगें पानी डालने के बाद टिक पाएंगी. क्योंकि समुद्री पानी सुरंगों में डालने के बाद उसे जमीन सोखेगी भी. कुछ हफ्तों या महीनों के बाद ये सुरंगें या तो पानी सोख लेंगी. या कमजोर होकर धंस जाएंगी.
साथ ही गाजा के भूजल स्तर में दिखाई पड़ेगा बदलाव
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट जॉन अल्टरमैन ने कहा कि समुद्र से पानी लाकर गाजा की सुरंगों में डालने से उस शहर के पानी सप्लाई और सीवेज सिस्टम पर असर पड़ेगा. यह भी नहीं पता है कि इस तरह के प्रयोग से गाजा के अंडरग्राउंड पानी के स्तर में किस तरह का बदलाव आएगा.