Advertisement

डिजिटल फ्लाई बाय वायर फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर से लैस हुआ LCA Tejas Mk1A, पहली उड़ान सफल...जानिए खासियत

LCA Tejas Mk-1A फाइटर जेट में डिजिटल फ्लाई बाय वायर फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर लगाया गया है. टेस्ट उड़ान भी सफल रही. यानी तेजस के कई मैन्यूअल कंट्रोल सिस्टम हटाकर उन्हें इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर से जोड़ दिया गया है. अब जेट में संतुलन और सुरक्षा काफी ज्यादा बढ़ गई है.

तेजस फाइटर जेट के नए वैरिएंट में अत्याधुनिक कंप्यूटर कंट्रोल सिस्टम लगाया गया है. (फोटोः रक्षा मंत्रालय) तेजस फाइटर जेट के नए वैरिएंट में अत्याधुनिक कंप्यूटर कंट्रोल सिस्टम लगाया गया है. (फोटोः रक्षा मंत्रालय)
ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 21 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 1:36 PM IST

तेजस एमके-1ए (Tejas Mk-1A) फाइटर जेट के प्रोटोटाइप प्लेन में डिजिटल फ्लाई बाय वायर फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर (DFCC) को लगाया गया है. इसके बाद इस विमान का 19 फरवरी 2024 को सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया गया. 

DFCC का साधारण भाषा में मतलब होता है कि फाइटर जेट से मैन्यूअल फ्लाइट कंट्रोल्स हटाकर उसकी जगह इलेक्ट्रॉनिक इंटरफेस लगा देना. यानी बहुत सारी चीजें कंप्यूटर के हाथ में चली जाती है, वही विमान को उड़ाते समय पायलट के मुताबिक संतुलित रखता है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: Vayushakti में टारगेट मिस कर गई R-73 मिसाइल, अब इस्तेमाल पर उठ रहे सवाल... देखिए Video

इस सिस्टम की वजह से रडर, एलिवेटर, एलिरॉन, फ्लैप्स और इंजन का नियंत्रण इलेक्ट्रॉनिकली होता है. फ्लाई बाय वायर कुल मिलाकर फाइटर जेट को एक आत्म संतुलन देता है. स्टेबलाइज करता है. यह विमान को ज्यादा सुरक्षित बनाता है. 

DFCC से बढ़ गई विमान की सुरक्षा

तेजस एमके-1ए के लिए स्वदेशी डीएफसीसी को बेंगलुरु स्थित वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान (ADE) ने विकसित किया है. DFCC में क्वाड्राप्लेक्स पावर पीसी आधारित प्रोसेसर, हाई स्पीड ऑटोनॉमस स्टेट मशीन आधारित आई/ओ नियंत्रक, उन्नत कम्प्यूटेशनल थ्रूपुट और डीओ 178सी लेवल-ए सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप जटिल ऑन-बोर्ड सॉफ्टवेयर शामिल हैं. 

टेस्ट फ्लाइट में सभी महत्वपूर्ण मानक और प्रदर्शन संतोषजनक पाए गए. पहली उड़ान का संचालन राष्ट्रीय उड़ान परीक्षण केंद्र के विंग कमांडर सिद्दार्थ सिंह केएमजे (रिटा.) ने किया. भारतीय वायु सेना पहले ही तेजस एमके-1ए का संचालन कर चुकी है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: दुश्मन के राडार पर नहीं दिखेंगे China के फाइटर जेट, वैज्ञानिकों ने बनाया ऐसा डिवाइस

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है तेजस

विमान के उन्नत संस्करण, तेजस एमके-1ए में उन्नत मिशन कंप्यूटर, उच्च प्रदर्शन क्षमता वाला डिजिटल फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर (DFCC Mk-1A), स्मार्ट मल्टी-फंक्शन डिस्प्ले (SMFD), एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे (AESA) रडार, एडवांस्ड सेल्फ-प्रोटेक्शन जैमर, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट आदि सुविधाएं हैं. 

यह फाइटर जेट वैसे तो तेजस एमके-1 की तरह ही है, इसमें कुछ चीजें बदली गई हैं. जैसे इसमें अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूईट, उत्तम एईएसए राडार, सेल्फ प्रोटेक्शन जैमर, राडार वॉर्निंग रिसीवर लगा है. इसके अलावा इसमें बाहर से ECM पॉड भी लगा सकते हैं.

 यह भी पढ़ें: China Weather: चीन में पारा अचानक 45 डिग्री गिरा... नदियां जमी, सैकड़ों जलपक्षियों की मौत... Video

2200 km/hr की स्पीड, 739 km की कॉम्बैट रेंज

मार्क-1ए पिछले वैरिएंट से थोड़ा हल्का है. लेकिन यह आकार में उतना ही बड़ा है. यानी 43.4 फीट की लंबाई. 14.5 फीट की ऊंचाई. अधिकतम 2200 km/hr की स्पीड से उड़ान भर सकता है. कॉम्बैट रेंज 739 किलोमीटर है. वैसे इसका फेरी रेंज 3000 किलोमीटर है. 

यह विमान अधिकतम 50 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है. इसमें कुल मिलाकर 9 हार्ड प्वाइंट्स हैं. इसके अलावा 23 मिलिमीटर की ट्विन-बैरल कैनन लगी है. हार्डप्वाइंट्स में 9 अलग-अलग रॉकेट्स, मिसाइलें, बम लगा सकते हैं. या फिर इनका मिश्रण कर सकते हैं. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement