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Indian Navy का MILAN 24 नौसैनिक अभ्यास शुरू, 50 देशों की नौसेनाएं होंगी शामिल... विक्रांत-विक्रमादित्य पहली बार साथ करेंगे ऑपरेट

Indian Navy विशाखापत्तनम में MILAN 24 नौसैनिक अभ्यास शुरू कर दिया है. यह 19 से 27 फरवरी तक चलने वाला एक्सरसाइज है. इसमें इस बार 50 से अधिक देशों की नौसेनाओं के शामिल होने की संभावना है. भारत के दोनों एयरक्राफ्ट कैरियर भी पहली बार इसमें एकसाथ ऑपरेट करेंगे.

INS Vikramaditya और INS Vikrant दोनों मिलन 24 नौसैनिक अभ्यास के लिए विशाखापत्तनम पहुंच चुके हैं. (सभी फोटोः भारतीय नौसेना) INS Vikramaditya और INS Vikrant दोनों मिलन 24 नौसैनिक अभ्यास के लिए विशाखापत्तनम पहुंच चुके हैं. (सभी फोटोः भारतीय नौसेना)
मंजीत नेगी
  • नई दिल्ली,
  • 19 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 5:31 PM IST

भारतीय नौसेना (Indian Navy) 19 से 27 फरवरी 2024 तक विशाखापत्तनम में मिलन 24 (MILAN 24) नौसैनिक अभ्यास कर रही है. इसमें 50 देशों की नौसेना शामिल होने की संभावना है. पहली बार भारत के दोनों एयरक्राफ्ट कैरियर INS Vikramaditya और INS Vikrant इस एक्सरसाइज में भाग लेंगे. 

नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने बताया ये दोनों ही विमानवाहक युद्धपोत पहली बार एक साथ ऑपरेट करेंगे. नौसेना लगातार समुद्री लुटेरों के खिलाफ मुहिम चला रही है. कार्गो जहाजों को बचा रही है. भारतीय नौसेना हर देश के जहाजों को सोमालियाई समुद्री लुटेरों से बचा रही है. अरब सागर में कई युद्धपोत, P8I जासूसी विमान, MQ9 ड्रोन्स और एंटी-ड्रोन सिस्टम भी तैनात कर रखा है. 

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फिलहाल भारतीय नौसेना दो तरह के मुख्य ऑपरेशन कर रही है. पहला है एंटी-पायरेसी और दूसरा है एंटी-ड्रोन ऑपरेशन. हमें जिस भी जहाज से इमरजेंसी कॉल आती है, हम उसकी मदद करते हैं. चाहे वह किसी भी देश का क्यों न हो. हम कोशिश करते हैं कि ड्रोन या मिसाइल हमले से व्यवसायिक जहाजों को बचाया जा सके. 

जिस भी जहाज पर शक होता है, हमारे नौसैनिक कमांडों उसकी जांच करते हैं. फिलहाल अरब सागर के आसपास चार युद्धपोत तैनात हैं. जहां तक बात रही मिलन नौसैनिक अभ्यास की, तो पिछली बार इसमें 39 देशों की नौसेनाओं ने भाग लिया था. इस बार संभावना है कि 50 से अधिक देश शामिल हों. 

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मूल रूप से मिलन की कल्पना भारत की 'लुक ईस्ट पॉलिसी' के अनुरूप की गई थी. फिर भारत सरकार की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास पहल में अन्य मित्रवत विदेशी देशों की भागीदारी के साथ आने वाले वर्षों में इसका विस्तार हुआ.  

मिलन 24 के बंदरगाह चरण में अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगोष्ठी, आरके बीच पर सिटी परेड, स्वावलंबन प्रदर्शनी, विषय वस्तु विशेषज्ञ विनिमय और युवा अधिकारियों का मिलन शामिल होगा. भारतीय नौसेना इकाइयों के साथ मित्र विदेशी देशों के जहाज, समुद्री गश्ती विमान और पनडुब्बियां समुद्री चरण में भाग लेंगे. इनमें बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास, उन्नत वायु रक्षा संचालन, पनडुब्बी रोधी युद्ध और सतह रोधी युद्ध संचालन शामिल होंगे. 

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