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पोखरण में ट्रेनिंग के दौरान 51 मिमी मोर्टार फटा, तीन जवान जख्मी

जैसलमेर की पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में शुक्रवार दोपहर बड़ा हादसा हुआ. फायरिंग एक्सरसाइज के दौरान एक 51 mm मोर्टार बम अचानक फट गया, जिससे BSF के तीन ट्रेनी जवान घायल हो गए.

ये है 51 mm मोर्टार लॉन्चर, जिसमें लगने वाला बम पोकरण में फटा है. (फाइल फोटोः X/SSBTCSarahan) ये है 51 mm मोर्टार लॉन्चर, जिसमें लगने वाला बम पोकरण में फटा है. (फाइल फोटोः X/SSBTCSarahan)
विमल भाटिया
  • जैसलमेर,
  • 20 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 4:04 PM IST

राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में आज यानी शुक्रवार दोपहर बड़ा हादसा हुआ. बीएसएफ की फायरिंग एक्सरसाइज के दौरान एक 51 मिलिमीटर मोर्टार बम अचानक फट गया. इसकी वजह से तीन ट्रेनी जवान जख्मी हो गए. तीनों की हालत खतरे से बाहर है. फिलहाल इससे ज्यादा जानकारी सेना की तरफ से नहीं आई है. 

इससे पहले 2016 और 2017 में राजस्थान के किशनगढ़ फील्ड फायरिंग रेंज में मोर्टार फटा था. तब भी कई जवान जख्मी हुए थे. 2017 में 2 बार फटा, 9 जवान जख्मी हुए. 2016 में तीन बार फटा. 2012 में भी सेना के चार जवान मोर्टार फटने की वजह से घायल हुए थे. 

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ब्रिटिश सेना ने शुरू किया था इस्तेमाल इस मोर्टार का

51 मिलिमीटर का मोर्टार सबसे पहले ब्रिटिश सेना में 1988 में आया था. उसके बाद इसे कई देशों की सेनाओं ने लिया. यह हल्का और कहीं भी ले जाने लायक होता है. 2007 तक इसका इस्तेमाल ब्रिटेन ने किया. फिर बाहर निकाल दिया. इसके पूरे लॉन्चर का वजन 6.25 किलोग्राम होता है. बैरल की लंबाई 28 इंच होती है. 

750 मीटर की रेंज, कई तरह के गोले दागने की क्षमता

इस मोर्टार से दागे गए गोले की रेंज 750 मीटर होती है. एक मिनट में अधिकतम 8 बम दागे जा सकते हैं. इसमें तीन तरह के बम दाग सकते हैं. 800 ग्राम का इल्यूमिनेशन, जो रात में रोशनी पैदा करता है. 900 ग्राम का स्मोक बम, जो दिन में दागने से चारों तरफ धुआं फैला देता है. 920 ग्राम का हाई-एक्सप्लोसिव, जिसके फटने से सैनिकों की पूरी टुकड़ी जख्मी हो सकती है. 

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