
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया है कि नॉर्थ कोरिया के 10 हजार जवान रूस की सेना में शामिल होने जा रहे हैं. यह जानकारी दक्षिण कोरिया की इंटेलिजेंस ने दी है. साथ ही एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें रूस के बेस पर उत्तर कोरिया के जवान मिलिट्री इक्विपेंट के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं.
इसके अलावा नॉर्थ कोरिया ने अपने सीक्रेट स्पेशल ऑपरेशन फोर्स (SOF) के 1500 कमांडो को व्लादिवोस्तोक शहर भेजा है. सियोल की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (NIS) के मुताबिक SOF को जल्द ही यूक्रेन से जंग के लिए किसी भी पोस्ट पर तैनात किया जा सकता है. यूक्रेनी मिलिट्री इंटेलिजेंस चीफ किरलो बुडानोव ने कहा कि उत्तर कोरिया के 2600 जवानों 1 नवंबर से कुर्स्क इलाके में जंग के लिए भेजा जाएगा.
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माना जाता है कि उत्तर कोरिय के SOF में 2 लाख से ज्यादा जवान हैं. इनका काम पहले दक्षिण कोरिया में जासूसी और जंग लड़ना था. अब इनमें से कुछ कमांडो को रूस भेजा गया है ताकि वो यूक्रेन के साथ जंग लड़ सकें. यूक्रेन के मुताबिक इन कमांडो की ट्रेनिंग जैसे ही कंप्लीट होगी, ये रूसी यूनिफॉर्म, हथियार और फेक आईडी के साथ तैनात कर दिए जाएंगे.
किम जोंग उन का भरोसेमंद जासूस रूस में कर रहा काम
किम जोंग उन का भरोसेमंद जासूस इस समय रूस में है. इसका नाम किम जोंग सिक है. यह उत्तर कोरिया की मिनिस्ट्री ऑफ म्यूनिशंस एंड इंडस्ट्री का प्रमुख सदस्य है. ट्रेंड जासूस है. इसे रूसी सैनिकों के साथ यूक्रेन की सीमा पर देखा गया है. यह उत्तर कोरिया की KN-23 बैलिस्टिक मिसाइल के लॉन्च का संचालन देखता है.
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यूक्रेन की इंटेलिजेंस को रूसी सैनिकों की तस्वीरों में एक ऐसा व्यक्ति दिखा, जो रूसी नहीं था. वह एशियन था. जब उसकी AI फेसिलय रिकगनिशन की गई तो पता चला कि वह रूसी सैनिकों को ट्रेनिंग देने के लिए उत्तर कोरिया से आया किम जोंग सिक है. यह एक मिसाइल इंजीनियर है. जो अक्सर किम जोंग उन के साथ मिसाइल परीक्षण के समय मौजूद रहता है.
इस साल अगस्त में हुए मिसाइल परीक्षण के दौरान भी यह किम जोंग उन के साथ था. किम जोंग सिक डीपीआरके मिसाइल को डेवलप करने में प्रमुख भूमिका निभा चुका है. साथ ही वह किम जोंग उन के साथ पिछले साल सितंबर में रूस भी गया था.
चीन रूस भेज रहा है अपने सुसाइड ड्रोन्स, मिले सबूत
चीन यूक्रेन के खिलाफ जंग लड़ने के लिए रूस को अपने एडवांस हथियार भेज रहा है. हाल ही में चीन के सुसाइड ड्रोन्स यूक्रेन ने बरामद किए हैं. ये रूस की तरह से यूक्रेन सेना पर हमला कर रहे थे. तभी इन्हें मार गिराया गया. रूस की गरपिया सीरीज की लॉन्ग रेंज सुसाइड ड्रोन्स बनाने में चीन लगातार उसकी मदद कर रहा है. जिसके बाद अमेरिका ने चीन पर कुछ प्रतिबंध लगाएं, खासतौर से उन कंपनियों पर जो रूस की मदद कर रही हैं.