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FPV Optic Drone: पुतिन के इस हथियार से खौफ में यूक्रेन, स्पाई चीफ बोले- इस ब्रह्मास्त्र का तोड़ मुश्किल

यूक्रेन के डिफेंस इंटेलिजेंस प्रमुख किरिलो बुडानोव ने रूस के अत्याधुनिक फाइबर ऑप्टिक ड्रोन को लेकर चिंता जताई है. उनका कहना है कि यूक्रेन के पास रूस के इस हथियार की फिलहाल कोई तोड़ नजर नहीं आ रही.

पुतिन का नया ड्रोन यूक्रेन के लिए आफत पुतिन का नया ड्रोन यूक्रेन के लिए आफत
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 03 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 10:39 AM IST

पुतिन के इस हथियार से खौफ में है यूक्रेन, खुद स्पाई चीफ ने बताया जंग में नए तरह का खतरा (new type of drone which carried a hollow plastic egg containing unidentifiable equipment)

रूस और यूक्रेन का युद्ध दोनों देशों के लिए अब स्वाभिमान का सवाल बन गया है. लगभग तीन सालों से चले आ रहे इस युद्ध में कोई भी झुकने को तैयार नहीं है. ऐसे में अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नए ब्रह्मास्त्र से यूक्रेन खौफ में है. क्या है पुतिन का ये नया ब्रह्मास्त्र खुद जिसने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की की नींद उड़ा दी है?

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यूक्रेन के डिफेंस इंटेलिजेंस प्रमुख किरिलो बुडानोव ने रूस के अत्याधुनिक फाइबर ऑप्टिक ड्रोन को लेकर चिंता जताई है. उनका कहना है कि यूक्रेन के पास रूस के इस हथियार की फिलहाल कोई तोड़ नजर नहीं आ रही.

उन्होंने कहा कि हम ड्रोन वॉर जीत रहे थे लेकिन अब रूस ने बड़े स्तर पर फाइबर ऑप्टिर एफपीवी ड्रोनों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. ये हमारे लिए बहुत बड़ी मुश्किल है क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर से इसे रोक पाना असंभव है. अगले साल हम सब मिलकर इसका तकनीकी समाधान ढूंढने की कोशिश करेंगे. बता दें कि बीते कुछ समय से यूक्रेन की सेना को रूस के इस नए तरह के एफवीपी ड्रोन Kamikaze के नए प्रकार का पता चला.

क्या है FPV ड्रोन की खासियत?

रूस के इस एफवीपी Kamikaze ड्रोन को सेना की लैब में तैयार किया गया है. रूस और यूक्रेन के बीच ये जंग ड्रोन युद्ध के रूप में तब्दील हो चुकी है. दोनों मुल्क जमकर ड्रोन्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में युद्ध के बीच ये समझ पाना मुश्किल हो जाता है कि कौन सा ड्रोन किसका है.

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ये ड्रोन अद्भुत कंट्रोल सिस्टम से लैस हैं जो फाइबर ऑप्टिक केबल से चलते हैं.  रूस के ये नए ड्रोन इतने सशक्त और अभेद्य हैं कि ये वायरलेस रेडियो फ्रीक्वेंसी से आसानी से बच जाते हैं. दरअसल पारंपरिक ड्रोन जीपीएस और आरएफ सिग्नल पर निर्भर होते हैं और इन्हें जैमिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर टेक्टिक्स के जरिए डिसेबल किया जा सकता है.

इससे पहले भी यूक्रेन में रूसी सेना की Special Mine Battalion दुश्मन के ठिकानों को ढूंढकर उन्हें निशाना बना रही है. इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए रूसी सेना FPV-Drones का इस्तेमाल कर रही है. रूसी सैनिक एफपीवी-ड्रोन में जैविक हथियार जोड़ने के लिए फिटिंग बनाने के लिए 3डी-प्रिंटर का इस्तेमाल करते हैं. अब इसी ड्रोन का लेटेस्ट वर्जन यूक्रेन के लिए सिरदर्द बन गया है.

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