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Balakot Airstrike के वो 5 सच जो पांच साल बाद भी स्वीकार करने की हिम्मत नहीं जुटा रहा पाकिस्तान

14 फरवरी 2019 को पुलवामा आतंकी हमले के बाद Pakistan ने 26 फरवरी को. ये कहा था कि उसकी वायुसेना जग रही है. लेकिन भारत ने उसी रात बालाकोट में एयरस्ट्राइक की. पांच साल हो चुके हैं. पाकिस्तान इस हमले के पांच बड़े सच को मान ही नहीं रहा. आइए जानते हैं इस हमले की कहानी और वो सच क्या हैं?

बालाकोट एयरस्ट्राइक के लिए भारतीय वायुसेना ने मिराज-2000 फाइटर जेट का इस्तेमाल किया था. बालाकोट एयरस्ट्राइक के लिए भारतीय वायुसेना ने मिराज-2000 फाइटर जेट का इस्तेमाल किया था.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 26 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 12:15 PM IST

14 फरवरी 2019 को पाकिस्तान में मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने पुलवामा में CRPF के काफिले पर आत्मघाती हमला किया. 40 जवान शहीद हुए. आतंकियों ने सोचा रहा होगा कि इसके बाद भारतीय सेना कोई एक्शन नहीं लेगी. या छोटा-मोटा एक्शन लेगी. लेकिन सिर्फ 12 दिन बाद 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने आतंकियों के ठिकानों पर मौत बरसाई. 

एक ट्वीट इस समय बड़ा वायरल हो रहा है- जिसमें दिखाया गया है कि Pakistan Defence नाम के हैंडल से एक मैसेज 26 फरवरी 2019 की रात 12:06 बजे एक मैसेज डाला गया, कि आप निश्चिंत होकर सो जाइए. पाकिस्तान की वायुसेना जग रही है (Sleep Tight becuase PAF is Awake). नीचे संभवतः एक F-16 फाइटर जेट की तस्वीर है. 

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लेकिन उसी रात 3.45 बजे भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में हमला किया. आतंकियों के ठिकानों को बर्बाद कर दिया. हमले में 1000 किलोग्राम वजन के बम गिराए गए थे. यानी मकसद साफ था... आतंकियों और उनके ठिकानों को तत्काल राख में बदल दो. बालाकोट एयरस्ट्राइक में करीब 300 आतंकियों के मारे जाने की खबर आई थी.

अब जानते हैं उस पांच सच के बारे में जो पाकिस्तान कभी मानता ही नहीं है... 

1. 300 एक्टिव मोबाइल

बालाकोट एयरस्ट्राइक से पहले इस बात की पुष्टि नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (NTRO) ने की थी कि हमले वाली जगह पर करीब 300 एक्टिव मोबाइल है. हालांकि पाकिस्तान ने इस बात को कभी सच नहीं माना.  

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2. मिराज-2000 का फॉर्मेशन

26 फरवरी 2019 मिराज 2000 ने ग्वालियर से उड़ान भरी तो आगरा, बरेली के एयरबेस भी अलर्ट हो गए. इस दौरान पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम पर निगाह रखने को कहा गया. 12 मिराज लड़ाकू विमान रात तीन बजे PAK सीमा में दाखिल होकर बालाकोट में बम बरसाने शुरू कर दिए. इनका सामना करने के लिए पाकिस्तान के दो F-16 फाइटर जेट उड़े लेकिन फॉर्मेशन देख कर वापस लौट गए. तबतक भारतीय वायुसेना अपना काम कर चुकी थी. बालाकोट में मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने तबाह हो चुके थे. 

पुलवामा आतंकी हमले के खिलाफ भारतीय वायुसेना ने किया था बालाकोट पर आसमानी हमला. (फोटोः गेटी)

3. थर-थर कांपते रहे इमरान खान

उस समय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान थे. सर्जिकल स्ट्राइक हो चुकी थी. अब उन्होंने एयरस्ट्राइक की खबर सुनी. इमरान खान भारत के हमले और युद्ध के डर से कांप रहे थे. इस बात को पाकिस्तानी संसद में भी उठाया गया लेकिन बाद में उनकी सरकार ने इस बात से इनकार कर दिया. 

4. अभिनंदन के लिए 9 मिसाइलें थीं तैनात

इसके बाद विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान पाकिस्तान में क्रैश लैंड हुए. उन्हें पाकिस्तानी सेना ने पकड़ा. भारत ने कहा कि हमारे जवान को छोड़ो, नहीं तो 9 मिसाइलें तैनात हैं तुम्हारी तरफ. उस समय इमरान खान लगातार पीएम नरेंद्र मोदी से बात करने के लिए पाकिस्तान में मौजूद भारतीय राजदूत से विनती कर रहे थे. भारत की रणनीतिक और सामरिक ताकत के आगे पाकिस्तान सरकार झुक गई. अभिनंदन को छोड़ना पड़ा. 

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5. बालाकोट की साफ-सफाई 

पाकिस्तान में आतंकी नहीं थे, यह बात दुनिया को बताने के लिए रात भर बालाकोट में साफ-सफाई करवाई गई. इलाके से मारे गए आतंकियों के शवों को हटाया गया. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया को बुलाकर यह दिखाया गया कि भारत का हमला जंगल में हुआ. सिर्फ कुछ घर तबाह हुए. कुछ लोग घायल हुए. यहां कोई आतंकी नहीं था. 

12 दिन में PAK पर जवाबी कार्रवाई  

भारत ने पुलवामा हमला का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश के आतंकी कैंप पर सिर्फ 12 दिनों में हमला किया. 14 फरवरी को पुलवामा हमले के बाद एक दिन बाद सुरक्षा मामलों पर कैबिनेट कमेटी की बैठक हुई. इसमें पीएम नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान से बदला लेने के विकल्प बताए गए. उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की थी. 

इस बार जवाबी कार्रवाई का तरीका अलग सोचा गया था. सर्जिकल स्ट्राइक के समय पाकिस्तान ने सरफेस-टू-एयर मिसाइलें तैनात कर दी थीं. इस बार उन्हें अंदाजा ही नहीं था कि भारत हवाई हमला करेगा. पीएम मोदी ने एयरस्ट्राइक की जिम्मेदारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल को जिम्मेदारी दी. डोभाल और उस समय के वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने हमले का प्लान तैयार किया. बालाकोट में जैश के आतंकियों को सबक सिखाना था.  

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हवाई हमला और आसमानी निगरानी एकसाथ 

जब जगह तय हुई तब सभी गुप्तचर एजेंसियों ने इनपुट निकालना शुरू किया. भले ही इस हमले में वायुसेना का अहम रोल था, लेकिन थल सेना को भी अलर्ट पर रखा गया. खासकर बॉर्डर पर. एयरस्ट्राइक से 2 दिन पहले तय हुआ कि Mirage- 2000 फाइटर जेट के साथ Netra AWACS भी तैनात रहेगा किया जाएगा. 

इन्हें ग्वालियर में तैनात किया गया, साथ ही आगरा बेस को अलर्ट पर रखा गया था. 25 फरवरी की शाम ऑपरेशन में हिस्सा ले रहे लोगों के फोन बंद कर दिए गए. पीएम मोदी, एनएसए अजित डोभाल और बीएस धनोआ लगातार मिशन से संबंधित हर जानकारी की अपडेट ले रहे थे.

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