
तुर्की के पहले स्टेल्थ फाइटर जेट KAAN ने दूसरी ट्रायल उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर ली है. इसने 14 मिनट में 10 हजार फीट की ऊंचाई हासिल की. जो स्टेल्थ फाइटर जेट के हिसाब से बेहद कम है. इसने इस टेस्ट फ्लाइट में करीब 426 km/hr की स्पीड से उड़ान भरी.
मुद्दा ये नहीं है कि यह कितना ताकतवर है या कमजोर है. सवाल ये उठता है कि अगर पाकिस्तान ने तुर्की के साथ समझौता करके, यह फाइटर जेट खरीद लिया तो भारत के लिए खतरा होगा. तुर्की, पाकिस्तान और चीन के बीच अच्छे संबंध हैं. पाकिस्तान को चीन ने अपना स्टेल्थ फाइटर जेट J-31 देने का वादा किया है.
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अब पाकिस्तान के पास दूसरा विकल्प भी है. वह तुर्की से उनका नया KAAN Fighter Jet खरीद सकता है. इससे सबसे बड़ा खतरा भारत के लिए पैदा होगा. फिलहाल जानते हैं KAAN की ताकत...
2222 km/hr की स्पीड से भरता है उड़ान
कान एक मल्टीरोल स्टेल्थ एयर सुपीरियरिटी फाइटर जेट है. पहली उड़ान इसकी 21 फरवरी 2024 को पूरी हो चुकी है. इस विमान को एक या दो फाइटर पायलट मिलकर उड़ाएंगे. कान स्टेल्थ फाइटर जेट 68.11 फीट लंबा और 19.8 फीट ऊंचा है. इसका विंगस्पैन 45.11 फीट है. इसका अधिकतम टेकऑफ वजन 27,125 kg है. इसमें जनरल इलेक्ट्रिक के दो इंजन लगे हैं.
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यह अधिकतम मैक 1.8 की स्पीड से उड़ सकता है. यानी 2222 km/hr की गति. यह अधिकतम 55 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है. सबसे ज्यादा खतरनाक है इस विमान के हथियारों का जखीरा. इसमें छह तरह के हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें लग सकती हैं.
हथियारों का भयानक जखीरा हो सकता है तैनात
इसके अलावा हवा से सतह पर मार करने वाली आठ तरह की मिसाइलें लगाई जा सकती हैं. अगर सिर्फ बमों की बात करें तो इसमें 13 तरह के बम लगाए जा सकते हैं. या तो इन हथियारों को अलग-अलग लगाया जाए. या फिर इनका मिश्रण लगाया जाए.
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कुल मिलाकर यह है कि अगर यह विमान दुश्मन टारगेट पर हमला करेगा, तो बर्बादी बहुत ज्यादा होगी. इसका कॉकपिट ह्यूमन-मशीन इंटरफेस से लैस है. इसके अलावा इसमें AESA राडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, एडवांस नेविगेशन फीचर्स, IEOS, IRST, EOTS जैसे खतरनाक राडार लगे हैं.