
अमेरिका ने दुनिया के सबसे आधुनिक, खतरनाक और चुपचाप हमला करने वाले बमवर्षक के उड़ान की पहली फोटो जारी कर दी है. ये है सिक्स्थ जेनरेशन का स्टेल्थ बॉम्बर B-21 Raider. यूएस एयरफोर्स 2025-26 तक ऐसे 100 बमवर्षक खरीदेगी. जिन्हें 2030 तक बी-2 और बी1-बी बॉम्बर की जगह तैनात किया जाएगा.
अमेरिका का दावा है कि आजतक ऐसा बमवर्षक नहीं बनाया गया. इसकी सबसे बड़ी खासियत है किसी भी राडार की जकड़ या पकड़ में न आना. यानी दुश्मन के घर में जाकर बम गिराकर चला आएगा. किसी को कानो कान खबर भी नहीं होगी. अमेरिका ने 30 साल में पहली बार कोई स्टेल्थ बमवर्षक बनाया है.
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इसे नॉर्थरोप ग्रुम्मन कंपनी ने बनाया है. असल मायने में अब तक किसी भी देश के पास ऐसा बॉम्बर नहीं है. यह पूरी तरह से डिजिटल है. यह एक लॉन्ग रेंज स्ट्राइक बॉम्बर है. इसके चारों तरफ ऐसे पदार्थ और धातु का इस्तेमाल किया गया है, जो राडार की पकड़ में नहीं आता.
2000 km/hr की घातक स्पीड से भरेगा उड़ान
बी-21 रेडर स्टेल्थ बॉम्बर में प्रैट एंड व्हीटनी का F135-PW-100 इंजन को मॉडिफाई करके लगाया गया है. यानी यह करीब 2000 km/hr की रफ्तार से उड़ पाएगा. किसी बमवर्षक के लिए यह गति काफी तेज मानी जाती है. हो सकता है ये इससे ज्यादा तेज स्पीड में उड़े क्योंकि कंपनी ने खुलासा नहीं किया है.
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यह बमवर्षक 50 से 60 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है. इस बमवर्षक के साथ अमेरिका नए जमाने के लंबी दूरी के फाइटर जेट्स भी बना रहा है. जिसे पेनीट्रेटिंग काउंटर एयर नाम दिया गया है. नए फाइटर जेट्स के साथ मिलकर यह बमवर्षक दुनिया के किसी भी कोने में तबाही मचाने में सक्षम है.
कई तरह के हथियारों से किया जा सकता है लैस
यह पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के हथियारों से लैस किया जा सकता है. यह ओपन सिस्टम आर्किटेक्चर से बनाया गया है. यानी कभी भी इसमें किसी भी तरह का अपडेट कर सकते हैं. यह एक डिजिटल बमवर्षक है. यानी इसमें लगाए गए सॉफ्टवेयर, तकनीक, इंजीनियरिंग सभी कुछ सिर्फ एक जगह पर बैठकर नियंत्रित किया जा सकता है.
इसे रेडर नाम दिया गया है अप्रैल 1942 में जापान पर किए गए रेड के नाम पर. जिसे लीड किया था लेफ्टिनेंट कर्नल जेम्स जिमी डूलिटिल ने. द्वितीय विश्व युद्ध में यह दिन काफी महत्वपूर्ण था. अमेरिकी वायुसेना में यह 2026 से 2027 के बीच शामिल हो सकती है.