Advertisement

समंदर के ऊपर जंग में बेमिसाल है Rafale-M... चीन-PAK के इन तीन फाइटर जेट्स पर पड़ेगा भारी

भारतीय नौसेना के 26 Rafale-M फाइटर जेट्स के लिए फ्रांस ने अपनी तरफ से दस्तावेज जमा कर दिए हैं. अब देखना ये है कि क्या इन फाइटर जेट्स के नौसेना में शामिल होने से कुछ फायदा होगा? 90 हजार करोड़ में आने वाले इन जेट्स से चीन या PAK से टक्कर ले पाएगा भारत? जानिए तीनों देशों के ऐसे फाइटर जेट्स की तुलना...

Rafale-M Fighter Jet Rafale-M Fighter Jet
ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 21 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 12:28 PM IST

भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल मरीन (Rafale Marine or Rafale-M) फाइटर जेट्स की डील होनी है. फ्रांस ने अपना बिड लगा दिया है. 90 हजार करोड़ रुपए में 26 मल्टीरोल फाइटर जेट्स आएंगे. 22 सिंगल सीटर और 4 ट्विन सीटर. सिंगल सीटर फ्रंटलाइन पर तैनाती के लिए और ट्विन सीटर ट्रेनिंग के लिए. इन जेट्स को INS Vikrant और INS Vikramaditya पर तैनात किया जाएगा.  

Advertisement

दक्षिण एशिया में भारत-चीन के पास ही एयरक्राफ्ट कैरियर

भारत और चीन के अलावा किसी अन्य दक्षिण एशियाई देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. चीन के एयरक्राफ्ट कैरियर पर तीन तरह के मल्टीरोल फाइटर जेट तैनात हैं. पहला J-10, दूसरा J-15 और तीसरा Sukhoi-30. पाकिस्तान के पास जो फाइटर जेट्स हैं, उनमें से ज्यादातर चीन के ही हैं. चीन ने अपनी पांचवीं पीढ़ी के जे-20 फाइटर जेट्स को फिलहाल नौसेना में तैनात नहीं किया है. न ही पाकिस्तान को दिया है. अब हम आपको तीनों के साथ Rafale-M की तुलना करके बताते हैं... 

लंबाई मे छोटा, इसलिए मैन्यूवरिंग आसान

J-10: 55.5 फीट
J-15: 73.1 फीट
Su-30: 72 फीट

Rafale-M... सिर्फ 50.1 फीट. यानी आकार में सबसे छोटा. 

क्रू/पायलट... सिंगल पायलट के हाथ में कमान

J-10: एक पायलट
J-15: 1/2 पायलट
Su-30: 2 पायलट

Advertisement

Rafale-M...1 या 2 पायलट उड़ाते हैं. 

वजन में हल्का यानी हैंडलिंग आसान 

J-10: 14 हजार kg
J-15: 27 हजार kg
Su-30: 24, 900 kg

Rafale-M... 15 हजार kg, यानी जे-10 से थोड़ा भारी, लेकिन बाकियों से हल्का है. 

फ्यूल (इंटरनल कैपेसिटी) में सबसे बेहतर

J-10: 8950 लीटर
J-15: 9500 लीटर
Su-30: 9400 लीटर

Rafale-M... 11,202 लीटर... यानी ज्यादा देर तक उड़ान संभव. ज्यादा अच्छी डॉग फाइट. 

स्पीड में सिर्फ एक चीनी फाइटर जेट से पीछे 

J-10: 2205 km/hr
J-15: 2963 km/hr
Su-30: 2120 km/hr.

Rafale-M... 2205 km/hr. यानी J-15 से कमजोर लेकिन सुखोई से ऊपर और जे-10 के बराबर. 

कॉम्बैट/फेरी रेंज... में सबसे बेहतर राफेल

J-10: 1240 km (कॉम्बैट रेंज)
J-15: 3500 km (फेरी रेंज)
Su-30: 3000 km (फेरी रेंज)

Rafale-M... कॉम्बैट रेंज 1850 km और फेरी रेंज 3700 km. यानी सबसे बेहतर. 

अधिकतम ऊंचाई... इसी मामले में कमजोर है

J-10: 59 हजार फीट
J-15: 66 हजार फीट
Su-30: 57 हजार फीट

Rafale-M... 52 हजार फीट. यानी तीनों चीनी फाइटर जेट से पीछे.  

राफेल में ज्यादा हथियारों को लगाने की सुविधा

चीन के J-10 फाइटर जेट में 11 हार्डप्वाइंट्स हैं. यानी चार तरह के हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, 90 mmके अनगाइडेड रॉकेट्स, 23 mm की गन और चार तरह के बम लगा सकते हैं. 

Advertisement

जे-15 फाइटर जेट में 12 हार्डप्वाइंट्स हैं. जिनमें 9 तरीके के हथियार लगा सकते हैं. इसके अलावा बम भी. इसमें 30 mm की गन लगी होती है. 

सुखोई-30 में 12 हार्डप्वाइंट्स हैं. यानी तीन तरह के रॉकेट्स, चार तरह की मिसाइलें और 9 तरह के बम या मिश्रण लगा सकते हैं. इसमें 30 mm की गन लगी है. 

राफेल-एम में 30 mm की ऑटोकैनन गन लगी है. कुल 14 हार्डप्वाइंट्स हैं. इसमें तीन तरह के हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, हवा से सतह पर मार करने वाली सात तरह की मिसाइलें, एक परमाणु मिसाइल या फिर मिश्रण लगा सकते हैं. 

किस तरह के फाइटर जेट्स हैं ये चारों... 

J-10/J-15 चौथी पीढ़ी के फाइटर जेट्स हैं. 
Su-30 मल्टीरोल एयर सुपरीरियॉरिटी जेट है. 
Rafale-M 4.5 जेनरेशन का फाइटर जेट है.  

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement